अज़िम प्रेमजी विश्वविद्यालय के राजेंद्रन नारायणन ने नए VB‑G RAM G अधिनियम के ग्रामीण रोजगार पर प्रभावों की चर्चा की। यह अधिनियम MGNREGA को बदलते हुए राज्य की वित्तीय जिम्मेदारियों को 300% तक बढ़ा रहा है।
Key Takeaways
- VB‑G RAM G अधिनियम से वार्षिक 125 दिन की रोजगार गारंटी बढ़ी।
- राज्यों का योगदान अब पहले से 300% अधिक होगा।
- राज्य बजट पर संभावित वित्तीय दबाव बढ़ेगा।
VB‑G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आज़ीविका मिशन) ने 21 साल पुराने MGNREGA को प्रतिस्थापित किया है। यह नया अधिनियम ग्रामीण घरानों को 125 दिन की वेतनभोगी मजदूरी की गारंटी देता है, जबकि पहले केवल 100 दिन थे।
नए ढाँचे के तहत राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी अब तीन गुना हो जाएगी, जिससे केंद्र-राज्य संबंधों में एक नया संतुलन स्थापित होगा।
Historical Background
2005 में शुरू किया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) ने भारत में ग्रामीण गरीबी घटाने के लिए 100 दिन की रोजगार गारंटी प्रदान की। यह कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा के बुनियादी स्तंभ के रूप में माना जाता रहा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि राज्य के बढ़ते वित्तीय बोझ से सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की स्थिरता प्रश्नवाचक हो सकती है, विशेषकर सीमित राजस्व वाले राज्यों में।
| विशेषता | VB‑G RAM G | MGNREGA |
|---|---|---|
| गारंटीकृत कार्य दिवस | 125 दिन/वित्तीय वर्ष | 100 दिन/वित्तीय वर्ष |
| राज्य का वित्तीय योगदान | 300% वृद्धि | स्थिर |
| प्रभावी वर्ष | 2026‑27 | 2005‑06 से |
"VB‑G RAM G की ओर बदलाव केंद्र‑राज्य वित्तीय अनुबंध को मूल रूप से पुनः परिभाषित करता है।"
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: VB‑G RAM G अधिनियम क्या है?
उत्तर: यह नया ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम है जो 125 दिन की रोजगार गारंटी और बढ़े हुए राज्य योगदान को निर्धारित करता है।
प्रश्न 2: राज्य के वित्तीय बोझ में वृद्धि का क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: कई राज्य बजटों में तनाव बढ़ेगा, जिससे अन्य सामाजिक योजनाओं पर खर्च में कटौती या पुनः संरचना की संभावना है।