उत्तर प्रदेश सरकार की नई डेटा सेंटर नीति-2026 से युवाओं को बड़े रोजगार के अवसर मिलेंगे. सरकार का लक्ष्य 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना है.
उत्तर प्रदेश सरकार की नई डेटा सेंटर नीति-2026 से युवाओं को बड़े रोजगार के अवसर मिलेंगे. सरकार का लक्ष्य 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना है. नई नीति के तहत करीब 50 हजार लोगों को रोजगार और 7500 लोगों को स्थायी नौकरी मिलेगी. इसके अलावा डेटा सेंटर निर्माण के दौरान लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है. आधिकारिक अनुमान के मुताबिक करीब 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. नई नीति में क्षेत्रीय संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार ने बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निवेश बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. इससे इन क्षेत्रों में उद्योगों की नई संभावनाएं बनेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिलेगी. डेटा सेंटर उद्योग केवल इंजीनियरों तक सीमित नहीं होता. इसके विस्तार से आईटी, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा मैनेजमेंट, तकनीकी सहायता, सुरक्षा सेवाएं, भवन रखरखाव, हाउसकीपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अनेक क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्यमों को भी सर्वर इंस्टॉलेशन, केबलिंग, उपकरण आपूर्ति, रखरखाव और अन्य सेवाओं में नए कारोबारी अवसर मिल सकते हैं. डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और डेटा सेंटर उसकी सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरत बन चुके हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश की नई डेटा सेंटर नीति केवल निवेश आकर्षित करने की योजना नहीं है, बल्कि इसे रोजगार, डिजिटल उद्योग, एआई तकनीक और क्षेत्रीय विकास को एक साथ गति देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है. यदि निवेश लक्ष्य तय समय पर पूरे होते हैं तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं को तकनीक आधारित रोजगार और कारोबार के नए अवसर मिल सकते हैं.