मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी पात्र मतदाताओं से विशेष इंटेंसिव रीविजन (SIR) प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया, ताकि उनका नाम निर्वाचन सूची में बना रहे और वे सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ उठा सकें। यह पहल लोकतंत्र की जड़ को मजबूत करने और महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से की गई है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से विशेष इंटेंसिव रीविजन (SIR) प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अपडेट करने, वोटर अधिकारों की सुरक्षा करने और राज्य की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ को जारी रखने के लिए अनिवार्य है।

सिर्ली प्रक्रिया का महत्व

SIR का मुख्य उद्देश्य नई निर्वाचन सूची में प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम शामिल करना है। यदि किसी का नाम सूची में नहीं आया तो वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार – मतदान – का प्रयोग नहीं कर पाएगा। मान ने कहा, "हर पंजाबी को समय पर SIR फॉर्म भरना चाहिए, ताकि उनका अधिकार सुरक्षित रहे।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह कदम न केवल लोकतंत्र को सुदृढ़ करेगा बल्कि सरकार की नीतियों के सीधे लाभ को भी सुनिश्चित करेगा।

कल्याण योजनाओं से सीधा जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने SIR प्रक्रिया को राज्य की प्रमुख कल्याण योजना, मावन धियां सत्कार योजना से जोड़ा। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने ₹1,000 और अनुसूचित जातियों की महिलाओं को अतिरिक्त ₹500 मिलते हैं। मान ने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 97 प्रतिशत पंजाब की महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिसमें कुल बजट लगभग ₹9,300 करोड़ है।

स्थानीय समर्थन और सहायता

यदि कोई नागरिक SIR फॉर्म भरने में कठिनाई महसूस करता है, तो वह आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय स्वयंसेवकों से मदद ले सकता है। मान ने आश्वासन दिया कि सभी संभावित सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में कोई भी रुकावट न आए। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने कहा कि SIR प्रक्रिया पूरे राज्य में सुचारु रूप से चल रही है।

भविष्य की दिशा

इस पहल के माध्यम से सरकार न केवल लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा जाल को भी सुदृढ़ कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वोटर सूची को समय पर अपडेट किया गया, तो आगामी चुनावों में वैध मतों की गिनती अधिक सटीक होगी और चुनावी धोखाधड़ी की संभावनाएँ कम होंगी। साथ ही, महिलाओं को निरंतर वित्तीय सहायता मिलने से गरीबी में कमी और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।