मुख्यमंत्री नडू ने कहा कि 7.27 लाख पत्तादर पासबुक मार्च 2027 तक 9,833 गांवों में वितरित किए जाएंगे, जिससे जमीन विवाद मुक्त अंधा प्रदेश का लक्ष्य पूरा होगा। पासबुक में राज्य का आधिकारिक प्रतीक होगा, जिससे भूमि अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
अंधा प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नडू ने आज बनागानापल्ले में आयोजित "मी भूमि – मी हक्कु" कार्यक्रम में घोषणा की कि अगले वर्ष मार्च तक 7,27,06,05 पत्तादर पासबुक 9,833 गांवों में वितरित किए जाएंगे। यह पहल राज्य के आधिकारिक प्रतीक को पासबुक पर अंकित कर भूमि मालिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।
पत्तादर पासबुक का इतिहास और महत्व
पत्तादर प्रणाली 1970 के दशक में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य छोटे किसानों को भूमि का प्रमाणपत्र देना था। लेकिन पिछले सरकारों द्वारा लागू किए गए "22‑ए" वर्गीकरण और कड़ा "भूमि शीर्षक अधिनियम" ने कई बार जमीनों को अनधिकृत रूप से वर्गीकृत कर विवादों को जन्म दिया। नडू सरकार ने सत्ता संभालते ही इन क़ानूनों को निरस्त कर, स्थानीय लोगों को उनके अधिकारों की पुनः पुष्टि करने का संकल्प लिया।
विकास परियोजनाओं के साथ समन्वय
नडू ने बताया कि भूमि विवादों के समाधान के साथ-साथ राज्य के आर्थिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कडपा में स्टील प्लांट, हिरो मोटर्स तथा एएमसीए लड़ाकू विमान निर्माण जैसे बड़े निवेशों से रायलासेमा क्षेत्र को नई औद्योगिक पहचान मिल रही है। इस परिवर्तन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण-शहरी अंतर को घटाने में मदद मिलेगी।
जल सुरक्षा और जलधारा पहल
एल नीनो के कारण इस साल वर्षा सामान्य से 22 % कम रही, जिससे जल संकट गहरा हो गया। इसलिए नडू सरकार ने "जलधारा" कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें 18 किमी लंबी फ़ीडर चैनल तथा कई चेक डैम बनाकर जलसंसाधन को संरक्षित किया जा रहा है। बारिश के बाद भूजल को रिचार्ज करके जल सुरक्षा को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करने की योजना है।
राजनीतिक माहौल और सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री ने यएसआर कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा प्रहार किया, आरोप लगाया कि वह जाति, धर्म और क्षेत्रीय आधार पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अंधा प्रदेश में हुई विभिन्न धार्मिक अपहृतियों की निंदा की और कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार, नडू सरकार ने सामाजिक समरसता और विकास को एक साथ जोड़ते हुए अपने कार्यकाल की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत की।