ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी ने फुटपाथ पर खड़ी अनकुंठित गाड़ियों को हटाने के लिए 7‑दिन नोटिस अभियान शुरू किया है। नोटिस के बाद वाहन टो कर सार्वजनिक नीलामी पर रखे जाएंगे, मालिकों को जुर्माना देकर वापस लेने का विकल्प मिलेगा।
ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी (GBA) ने आज घोषणा की कि आने वाले शुक्रवार से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत फुटपाथ पर पार्क की गई छोड़ी हुई गाड़ियों को टो करके सार्वजनिक नीलामी के लिए रखा जाएगा। यह कदम ‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान के अंतर्गत आता है, जिसका उद्देश्य शहर की सड़कों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाना है।
नोटिस और टो करने की प्रक्रिया
GBA के मुख्य आयुक्त, एम. मेहेश्वरा राव, ने बताया कि हर अनकुंठित वाहन पर नोटिस लगाया जाएगा, जिसमें मालिक को सात दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में वाहन हटाया नहीं गया, तो उसे टो करके जप्त कर दिया जाएगा। जप्त की गई गाड़ियों को GBA अधिनियम, 2024 की धारा 324 के तहत सार्वजनिक नीलामी पर बेचा जाएगा। मालिकों को नीलामी से पहले अपनी पुलिस स्टेशन पर जाकर जुर्माना देकर वाहन वापस लेने का मौका मिलेगा, पर एक बार नीलामी हो जाने पर दावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पैदल यात्री सुरक्षा और राजकीय प्रतिबद्धता
पिछले महीने बेंगलुरू विकास मंत्री कृष्णा ब्यरे गॉवा ने बताया कि फुटपाथ पर पार्किंग अस्वीकार्य है और ‘सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पैदल यात्री के अधिकार को मूलभूत अधिकार घोषित किया है।’ उन्होंने बताया कि हर 1,000 दुर्घटना मौतों में से 30 प्रतिशत पैदल यात्रियों के कारण होते हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने 2,000 किलोमीटर की प्राथमिक सड़कों पर दुकानों और अवरोधों को हटाने का निर्देश दिया।
विक्रेताओं और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
अभियान के आठवें दिन तक, GBA ने शहर के 432 किलोमीटर फुटपाथों को साफ कर लिया था। इस बीच, कर्नाटक प्रोग्रेसिव स्ट्रीट विक्रेता यूनियन और अन्य संघों ने सरकार से हटाने के अभियान के कारण प्रभावित विक्रेताओं को मुआवजा देने की मांग की है। कुल मिलाकर, 2 लाख विक्रेता इस मुद्दे से जुड़ गए हैं।
सार्वजनिक चेतावनी और भविष्य के कदम
आयुक्त राव ने सभी नागरिकों को चेतावनी दी कि यदि वे किसी भी वाहन को सार्वजनिक सड़क या खुली जगह पर छोड़ते हैं, तो उसे तुरंत निजी संपत्ति में स्थानांतरित कर लें। यह न केवल कानूनी दंड से बचने के लिए, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित करने हेतु अनिवार्य है। शहर की प्रशासनिक टीम ने इस अभियान को ‘सुरक्षित फुटपाथ’ पहल के अंतर्गत एक प्रमुख कदम बताया है।
इस नीति के तहत, बेंगलुरू की सड़कों पर गाड़ियों की अवैध पार्किंग को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा और शहरी परिवहन की दक्षता में सुधार की उम्मीद है।