रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज ने अघोषित लाखों पाउंड के उपहारों पर संसदीय जांच के बीच अपनी सांसद सीट से इस्तीफा देकर उपचुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिससे ब्रिटिश राजनीति में नया बवाल मच गया है।
रिफॉर्म यूके (Reform UK) पार्टी के फायरब्रांड नेता नाइजेल फराज (Nigel Farage) ने एक बार फिर ब्रिटिश राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। क्लैक्टन-ऑन-सी (Clacton-on-Sea) निर्वाचन क्षेत्र से सांसद पद से इस्तीफा देने और तुरंत उपचुनाव लड़ने की उनकी आकस्मिक घोषणा ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। फराज का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वे थाईलैंड स्थित एक क्रिप्टो करोड़पति क्रिस्टोफर हारबोर्न से मिले 5 मिलियन पाउंड के व्यक्तिगत उपहार को पंजीकृत न करने के मामले में गंभीर संसदीय जांच का सामना कर रहे हैं।
विवादों का नया बवंडर और वित्तीय जांच
इस जांच के केंद्र में फराज पर लगे वे आरोप हैं जिनमें उन्होंने नियमों के उल्लंघन के तहत भारी वित्तीय लाभ प्राप्त किए। 'संडे टाइम्स' की एक हालिया रिपोर्ट में उनके पुराने सहयोगी और सजायाफ्ता जालसाज जॉर्ज कॉटरेल से मिले अन्य उपहारों का भी विवरण सामने आया है। हालांकि, फराज ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें केवल 'व्यक्तिगत उपहार' बताया है। यदि संसदीय मानक प्रहरी की जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें संसद से निलंबित किया जा सकता है, जो उनके राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ा झटका होगा।
ब्रेक्सिट के महानायक और उनका अतीत
नाइजेल फराज का राजनीतिक सफर हमेशा से ही विवादों, नाटकीय मोड़ों और अविश्वसनीय उत्तरजीविता का मिश्रण रहा है। वे ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बाहर निकालने वाले ऐतिहासिक 'लीव' (Leave) अभियान के सबसे प्रमुख अनौपचारिक चेहरे थे। 1993 में यूके इंडिपेंडेंस पार्टी (UKIP) के संस्थापक सदस्य के रूप में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को धार दी और वर्षों तक यूरोपीय संसद के सदस्य (MEP) के रूप में काम किया। उन्होंने यूरोपीय मंचों का उपयोग केवल ब्रिटेन की संप्रभुता की वकालत करने और यूरोपीय संघ की नीतियों की तीखी आलोचना करने के लिए किया, जिसने अंततः 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह का मार्ग प्रशस्त किया।
रिफॉर्म यूके का उदय और ट्रंप से करीबी
ब्रेक्सिट के बाद, फराज ने कंजर्वेटिव पार्टी को विस्थापित कर मुख्य विपक्षी दल बनने के उद्देश्य से 2021 में 'रिफॉर्म यूके' का गठन किया। इस पार्टी ने सख्त आव्रजन नियंत्रण, नेट-जीरो कार्बन नीतियों के विरोध और दक्षिणपंथी सांस्कृतिक मुद्दों को अपनी राजनीति के केंद्र में रखा। इसके अलावा, फराज के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध रहे हैं। वे रिफॉर्म यूके को ट्रंप के 'मागा' (MAGA) आंदोलन की तर्ज पर ब्रिटिश संस्करण के रूप में विकसित करना चाहते हैं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दक्षिणपंथी राजनीति का एक बड़ा चेहरा बनने में मदद मिली है।