बेंगलुरु के दक्षिण निगम ने अवैध पार्किंग की कारों को रखने के लिये सात रणनीतिक स्थान निर्धारित किए। ट्रैफ़िक पुलिस ने नागरिकों से ASTraM मोबाइल ऐप के ‘Public Eye’ फीचर के ज़रिए रिपोर्ट करने का आग्रह किया।

बेंगलुरु: दक्षिण सिटी कॉरपोरेशन ने गुरुवार को अपने अधिकार क्षेत्र में सात प्रमुख स्थानों को टॉइंग किए गए वाहनों के अस्थायी पार्किंग के लिये चिन्हित किया। यह कदम 10 जुलाई को शुरू होने वाले ट्रैफ़िक पुलिस के ‘अवसरित वाहन’ निराकरण अभियान की तैयारियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध रूप से खड़े वाहनों से उत्पन्न ट्रैफ़िक जाम को घटाना है।

टॉइंग साइटों का चयन और रणनीतिक महत्व

कॉरपोरेशन कमिश्नर के.एन. रमेश ने बताया कि चयनित स्थल फोर्टिस हॉस्पिटल (बैनरघट्टा रोड), रागीगुडा मेट्रो स्टेशन, कडिरेनहली का बंद खेल का मैदान, एईसीएस लेआउट बी‑ब्लॉक (हॉसर मेन रोड) पर दो एकड़ का प्लॉट, विजया बैंक लेआउट में न्यनाप्पनहाली बैंडे के पास 1.5 एकड़, येलाचेनहाली मेट्रो स्टेशन के पास दो एकड़, तथा बीटीएम लेआउट पुलिस क्वार्टर के भीतर स्थित हैं। इन स्थानों को चुना गया क्योंकि वे मुख्य arterial रोड्स के निकट हैं और मौजूदा ट्रैफ़िक प्रवाह में न्यूनतम बाधा उत्पन्न करेंगे।

छह नई टॉइंग गाड़ियों का हस्तांतरण

निगम ने हाल ही में छह नई टॉइंग वाहन खरीदे और उन्हें सीधे ट्रैफ़िक पुलिस विभाग को सौंप दिया। यह सहयोगी कदम नगर निगम और पुलिस के बीच समन्वय को सुदृढ़ करता है, जिससे अवैध पार्किंग की समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

ASTraM ऐप के ‘Public Eye’ फीचर से नागरिक सहभागिता

बेंगलुरु ट्रैफ़िक पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे ‘Public Eye’ फीचर के माध्यम से अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों की सूचना तुरंत दें। इस डिजिटल पहल का नाम ASTraM (Automated Surveillance & Traffic Management) है, जो मोबाइल ऐप के जरिए रीयल‑टाइम डेटा एकत्रित कर अधिकारियों को तेज़ कार्रवाई में मदद करता है। सार्वजनिक सहयोग से न केवल त्वरित पहचान होगी, बल्कि भविष्य में पुनरावृत्ति को रोकने के लिये डेटा‑ड्रिवेन नीतियां बनायीं जा सकेंगी।

भविष्य की दृष्टि और संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रॉएक्टिव उपाय शहरी ट्रैफ़िक प्रबंधन में एक नया मानक स्थापित करेंगे। यदि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बनी रही, तो बेंगलुरु जैसे तेज़ी से बढ़ते महानगर में ट्रैफ़िक जाम, वायु प्रदूषण, और दुर्घटना जोखिम में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है। साथ ही, यह मॉडल अन्य भारतीय शहरों के लिये भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।