बल्लारी जिला गारंटी योजना प्राधिकारी ने कहा कि 5,972 ग्रुहा लक्ष्मी लाभार्थियों में से 2,224 के खातों में ₹2.29 करोड़ जमा हुआ है। अब मृत लाभार्थियों के खातों से राशि वसूली जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- बल्लारी में 5,972 ग्रुहा लक्ष्मी लाभार्थियों में से 2,224 के खातों में ₹2.29 करोड़ जमा हुआ।
- प्राधिकरण ने मृत लाभार्थियों के खातों से धन वसूले जाने का आदेश दिया।
- आगामी पुन: सत्यापन के लिए एंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएसएचए द्वारा द्वार-से-द्वार सर्वेक्षण किया जाएगा।
बल्लारी जिला राज्य गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण ने पाँच गारंटी योजनाओं की जिला‑स्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया कि ग्रुहा लक्ष्मी योजना के तहत मृत लाभार्थियों को भी वित्तीय सहायता पहुँचाई गई थी। प्राधिकरण के अध्यक्ष के.ई. चिदानंदप्पा ने कहा कि केंद्रीय डेटाबेस के अनुसार, इस जिले में 5,972 ग्रुहा लक्ष्मी लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है।
वित्तीय विसंगति और तत्काल कार्रवाई
इनमें से 3,748 मृत लाभार्थियों के खातों में कोई धन नहीं पहुँचा, जबकि शेष 2,224 खातों में कुल ₹2.29 करोड़ (₹2,28,96,000) जमा हो गया था। चिदानंदप्पा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बैंकों के सहयोग से इन खातों से धन वसूले और कानूनी उत्तराधिकारियों की सहमति ले। यह कदम सरकार की सार्वजनिक निधियों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में उठाया गया है।
ग्रुहा लक्ष्मी योजना का विस्तृत परिचय
ग्रुहा लक्ष्मी योजना, राज्य सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य गरीब महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। अगस्त 2023 से मार्च 2026 के बीच, बल्लारी में इस योजना के तहत कुल ₹1,667.58 करोड़ वितरित किए गए, प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह ₹2,000 की सहायता दी गई। इस योजना के तहत लगभग तीन लाख परिवारों को लाभ मिला है, परंतु अभी तक केवल 29,000 लाभार्थियों ने ई‑केवाईसी प्रक्रिया पूरी की है, जो लक्ष्य का केवल 10% है।
पुनः सत्यापन की विस्तृत प्रक्रिया
प्राधिकरण ने सॉफ्टवेयर‑जनित रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय एंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और एएसएचए द्वारा द्वार‑से‑द्वार सर्वेक्षण करने का आदेश दिया। ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद हारिस सुमैर ने बताया कि राज्य सरकार एक विशेष सर्वेक्षण एप्लिकेशन विकसित कर रही है, जिससे प्रत्येक लाभार्थी का ई‑केवाईसी, रेशन कार्ड और ग्रुहा लक्ष्मी विवरण रिकॉर्ड किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आयु, आय स्तर, वाहन स्वामित्व आदि के आधार पर बापी सूची (BPL) की पुनः जांच भी शामिल होगी।
अन्य सामाजिक पहल और चुनौतियां
चिदानंदप्पा ने शाक्ति योजना के तहत छात्र बस पास वितरण की धीमी गति पर भी टिप्पणी की, जहाँ बल्लारी राज्य में केवल 4,455 पास वितरित हुए हैं। उन्होंने केकेआरटीसी अधिकारियों को प्रक्रिया को तेज करने और 5,000 पास के बाद सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। साथ ही, ग्रुहा ज्योति ई‑केवाईसी के दूसरे चरण की प्रगति की भी समीक्षा की, जहाँ 3 लाख संभावित लाभार्थियों में से केवल 29,000 ने ई‑केवाईसी पूरा किया है।
भविष्य में, राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चावल की मात्रा घटाकर ज्वार और रागी जैसी स्थानीय अनाज की आपूर्ति बढ़ाने का प्रस्ताव रख रही है, जिससे स्थानीय खाद्य संस्कृति के अनुरूप वितरण हो सके।