ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने 9 जुलाई को दायर याचिका में कहा कि कर्नाटक के विशेष गहन पुनरावृत्ति (SIR) कारण चुनावों को अगस्त‑31 से दिसंबर‑31 तक स्थगित किया जाना चाहिए। प्रशासनिक संसाधनों की भारी व्यस्तता ने समय सीमा पर दबाव डाला है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- GBA ने 4 महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी।
- SIR प्रक्रिया में 8,872 बूथ स्तर अधिकारी और कई अन्य कर्मी शामिल हैं, जिससे चुनाव का काम जटिल हो गया।
- ड्राफ्ट एलेक्टोरल रोल 5 अगस्त को प्रकाशित होगा, जबकि अंतिम रोल 7 अक्टूबर को जारी होगा।
बेंगलुरु में सिविक चुनावों का नया मोड़ – ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने सुप्रीम कोर्ट को एक विस्तृत याचिका प्रस्तुत की, जिसमें वह 31 अगस्त की नियत तिथि को 31 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग कर रही है। यह अनुरोध कर्नाटक में चल रहे विशेष गहन पुनरावृत्ति (SIR) कार्यक्रम की “गंभीर लॉजिस्टिक चुनौतियों” के आधार पर किया गया है, जिससे पाँच शहर निगमों के 369 वार्डों में चुनाव आयोजित करना मुश्किल हो रहा है।
पृष्ठभूमि और कानूनी परिप्रेक्ष्य
20 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले में कठोर चेतावनी जारी की थी, यह कहते हुए कि यह GBA का “अंतिम अवसर” है और आगे की कोई भी समय सीमा विस्तार नहीं दी जाएगी। फिर भी, GBA ने 9 जुलाई को अपनी स्थिति स्पष्ट की, यह तर्क देते हुए कि SIR कार्यवाही में पूरे प्रशासनिक तंत्र और मानव संसाधन व्यस्त हैं। कोर्ट के इस पूर्वनिर्धारित निर्णय को चुनौती देना एक जोखिम भरा कदम है, परन्तु GBA का मानना है कि बिना पर्याप्त समय के चुनाव आयोजित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचा सकता है।
SIR का पैमाना और चुनौतियाँ
SIR ने 8,872 बूथ स्तर अधिकारी, 938 पर्यवेक्षक, 28 पंजीकरण अधिकारी, 75 सहायक पंजीकरण अधिकारी, तथा कई नोडल अधिकारी, प्रशिक्षक और संसाधन व्यक्तियों को शामिल किया है। ये सभी कर्मचारी नगरपालिका निगमों, GBA और अन्य विभागों से निकाले गए हैं। प्रत्येक बूथ स्तर अधिकारी को घर-घर जाकर मतदाता सूची तैयार करनी होती है, और खाली घरों के लिए कम से कम तीन बार दौरा करना पड़ता है। इस व्यापक कार्य के कारण, वर्तमान में 51.8% लक्ष्य जनसंख्या तक पहुंच बनाई जा चुकी है, जबकि 53.85 लाख लोगों को एन्क्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए हैं।
मतदाता सूची का समय‑सारिणी
ड्राफ्ट एलेक्टोरल रोल 5 अगस्त को प्रकाशित होगा, जिसके बाद प्रत्येक पंजीकरण अधिकारी को लगभग 1 लाख समावेशन/बहिष्करण दावों की समीक्षा करनी होगी, जिसे 25 सितंबर तक पूरा किया जाना है। अंततः, अंतिम रोल 7 अक्टूबर को जारी होगा। इस बीच, बेंगलुरु के 1.03 करोड़ मतदाता (राज्य के कुल 5.54 करोड़ का एक‑छठा) का व्यापक वितरण और लगातार शहरी प्रवास इस प्रक्रिया को और जटिल बनाता है।
आगे का रास्ता और संभावित प्रभाव
GBA ने कहा है कि SIR एक “अत्यधिक मानव संसाधन‑गहन” कार्य है, जिससे अगस्त‑31 तक चुनाव आयोजित करना लगभग असंभव हो गया है। यदि सुप्रीम कोर्ट इस विस्तार को मंजूरी देता है, तो यह बेंगलुरु के शहरी प्रशासन को स्थिरता प्रदान करेगा और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करेगा। दूसरी ओर, यदि याचिका अस्वीकृत होती है, तो चुनाव की तैयारी में गंभीर व्यवधान और संभावित कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।