तीरुची सिटी कॉरपोरेशन में स्थायी प्लंबरों की कमी के कारण 65 वार्ड में पीने के पानी की पाइपलाइन मरम्मत में गंभीर विलंब हो रहा है। दैनिक वेतन पर प्लंबरों को भर्ती करने की नीति से समस्या और बढ़ी है, जिससे जल प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • स्थायी प्लंबरों की कमी से मरम्मत में देरी।
  • दैनिक वेतन पर प्लंबरों की भर्ती से प्रतिक्रिया गति घटती है।
  • पानी के रिसाव से रोगजनक बढ़ने और स्वास्थ्य जोखिम का खतरा।

तीरुची सिटी कॉरपोरेशन ने 65 वार्ड में पीने के पानी की पाइपलाइन की नियमित और आपातकालीन मरम्मत के लिए कोई स्थायी प्लंबर नहीं रखा है। 2024 में केवल दस स्थायी प्लंबरों का रिकॉर्ड था, लेकिन सेवानिवृत्ति, मृत्यु और अन्य कारणों से वर्तमान में यह संख्या शून्य के करीब है। परिणामस्वरूप, कॉरपोरेशन को हर बार जल आपूर्ति की समस्या के उभरने पर दैनिक वेतन आधार पर प्लंबरों को अनुबंधित करना पड़ता है, जिससे कार्य में कई दिनों की देरी होती है।

पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति

नगर निगम ने पहले एकीकृत वेतन संरचना के तहत प्लंबरों की भर्ती का प्रस्ताव रखा था, लेकिन वह योजना अभी तक लागू नहीं हुई है। निजी एजेंसियों के माध्यम से ओवरहेड टैंक और अन्य जल आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव के लिए कामगार भेजे जाते हैं, परन्तु पाइपलाइन के फटे या क्षतिग्रस्त हिस्सों की त्वरित मरम्मत के लिए कोई स्थायी टीम नहीं है। वार्षिक मानसून के आगमन के साथ, जल रिसाव की समस्याएँ बढ़ती हैं, जिससे जल स्रोत में दूषित पदार्थों का प्रवेश और रोगजनक वृद्धि की संभावना बढ़ती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें

स्थानीय परिषद के सदस्य और नागरिक समूह लगातार इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं। सीपीआई के परिषद सदस्य के. सुशेखुमार ने कहा, “प्लंबरों के पद दस साल से खाली पड़े हैं। नई सरकार को इस गंभीर कमी को दूर करने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए।” विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम 20‑25 प्लंबरों को नियुक्त किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक प्लंबर दो‑तीन वार्ड को समर्पित कर सके और आपातकालीन शिकायतों का शीघ्र समाधान हो सके।

भविष्य की संभावनाएँ और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर

यदि जल पाइपलाइन की मरम्मत में देरी जारी रहती है, तो जल प्रदूषण से संबंधित रोगों का जोखिम बढ़ेगा, विशेषकर बच्चों और वृद्ध व्यक्तियों में। इस समस्या को हल करने के लिए न केवल स्थायी प्लंबरों की भर्ती बल्कि जल प्रबंधन में तकनीकी प्रशिक्षण और निगरानी प्रणालियों को भी सुदृढ़ करना आवश्यक है। नगरपालिका को दीर्घकालिक समाधान के रूप में जल निरीक्षण सेंसर, GIS‑आधारित पाइपलाइन मैपिंग और स्थानीय स्तर पर जल गुणवत्ता परीक्षण को भी अपनाने की सलाह दी गई है।