केरला में विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) शुरू होने के एक हफ्ते बाद भी केवल 0.5% से कम मतदाता ही ऑनलाइन एन्क्यूमरेशन फॉर्म जमा कर पाए। मतदाता ECINet पोर्टल पर लगातार तकनीकी गड़बड़ी, कैप्चा विफलता और मोबाइल लिंकिंग समस्या की शिकायत कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- केरला में SIR के तहत केवल 0.41% फॉर्म ऑनलाइन जमा हुए।
- ECINet पोर्टल पर कैप्चा, धीमी प्रतिक्रिया और OTP लिंकिंग की समस्या बनी हुई है।
- भौतिक फॉर्म की तुलना में ऑनलाइन प्रक्रिया में अतिरिक्त कदम और तकनीकी बाधाएँ हैं।
केरला में 13 जुलाई से शुरू हुए विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) में, ऑनलाइन एन्क्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का प्रतिशत 0.5% से भी कम रहा। चुनाव आयोग द्वारा जारी ECINet पोर्टल, जो मतदाता को डिजिटल रूप से अपनी जानकारी अपडेट करने का साधन है, लगातार तकनीकी गड़बड़ियों से जूझ रहा है।
पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
SIR का उद्देश्य 2002 के मतदाता सूची को अपडेट करना और त्रुटियों को दूर करना है, जिससे आगामी चुनावों में अधिक सटीक डेटा उपलब्ध हो। पारम्परिक रूप से, प्रत्येक घर को भौतिक एन्क्यूमरेशन फॉर्म वितरित किया जाता है, जिसे परिवार के किसी भी बड़े सदस्य द्वारा भर कर जमा किया जा सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में, फॉर्म केवल उसी मतदाता द्वारा जमा किया जा सकता है, जिसके मोबाइल नंबर को उसके EPIC (इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड) से जुड़ा होना चाहिए। यह कड़ी Aadhaar‑आधारित ई‑साइन और OTP सत्यापन पर आधारित है।
तकनीकी बाधाएँ
मतदाता ने ECINet पोर्टल पर कई समस्याओं की रिपोर्ट की है: कैप्चा बार‑बार विफल हो रहा है, ब्राउज़र की प्रतिक्रिया धीमी है और कई बार त्रुटि संदेश आते हैं। इसके अलावा, कई मतदाताओं के मोबाइल नंबर EPIC से लिंक नहीं हैं, जिससे उन्हें पहले Form 8 भरकर नंबर अपडेट करना पड़ता है—एक अतिरिक्त कदम जिसे कई लोग बोझिल मानते हैं।
भौतिक बनाम डिजिटल विकल्प
कुछ मतदाता डिजिटल फॉर्म को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि भौतिक फॉर्म केवल कन्नड़ में उपलब्ध है, जबकि ऑनलाइन पोर्टल अंग्रेज़ी संस्करण भी प्रदान करता है। लेकिन तकनीकी समस्याओं और मोबाइल लिंकिंग की बाधाओं के कारण, कई लोग अभी भी भौतिक फॉर्म की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ब्लॉक लेवल अधिकारी (BLO) भी समान समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे वे मतदाता को सहायता प्रदान करने में असमर्थ हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
केरला के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबु कुमार ने कहा कि प्रक्रिया जारी है, परंतु उन्होंने तकनीकी गड़बड़ी पर कोई टिप्पणी नहीं की। यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में डिजिटल एन्क्यूमरेशन की सफलता सीमित रह सकती है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।