केरल में कोरॉहेल्थ इन्फोटेक द्वारा 800 से अधिक कर्मचारियों की निकासी के बाद, केंद्र ने राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का वादा किया है। श्रम मंत्री ने नौकरी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाने का भरोसा दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केरल में 800+ कोरॉहेल्थ कर्मचारियों की निकासी के बाद केंद्र ने पूरी मदद का वादा किया
  • श्रम मंत्री मनसुख मंदविया ने नौकरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी
  • राज्य सरकार और कंपनी के बीच अगले चरण की बातचीत 20 जुलाई को निर्धारित

संघीय श्रम मंत्रालय ने केरल सरकार को कोरॉहेल्थ इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोच्चि और कोझिकोड केंद्रों में हाल ही में निकाले गए 800 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हेतु "सभी संभव मदद" का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन श्रम मंत्री मनसुख मंदविया ने केरल श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा के साथ बैठक के दौरान दिया, जो 13 जुलाई को नई दिल्ली में हुई थी।

पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

अमेरिकी कंपनी कोरॉहेल्थ ने अपने दो प्रमुख दक्षिण भारतीय केंद्रों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाला, जिससे कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई। निकाले गए कर्मचारियों ने कार्यालय में प्रवेश करने से रोका गया, जबकि कंपनी ने उन्हें वित्तीय मुआवजा देने का वादा किया था। इस संकट को लेकर केरल श्रम मंत्री ने तुरंत केंद्र को एक मेमो भेजा, जिसमें इस मुद्दे के समाधान की माँग की गई।

केंद्रीय सरकार की भूमिका

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने बताया कि यह मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, परंतु केंद्र ने यह स्पष्ट किया कि उद्योग विवाद अधिनियम के प्रावधानों को औद्योगिक संबंध कोड में भी बरकरार रखा गया है। इसलिए, राज्य सरकार को कर्मचारियों की शिकायतों पर निर्णय लेना होगा, जबकि केंद्र सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने को तैयार है।

राज्य सरकार की आगे की योजना

केरल श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने कहा कि उन्होंने केंद्र से राज्य के चार श्रम कोड पर नियम तैयार करने के लिए समय मांगा है। राज्य सरकार ने विभिन्न हितधारकों— ट्रेड यूनियन, नियोक्ता प्रतिनिधियों और सरकारी विभागों— के साथ चर्चा की है और जल्द ही एक श्रम सम्मलेन आयोजित करके अंतिम निर्णय लेगी। अगले चरण की बातचीत 20 जुलाई को कंपनी और राज्य सरकार के बीच निर्धारित है।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि केंद्र की प्रतिबद्धता पूरी तरह से लागू होती है, तो यह न केवल कोरॉहेल्थ के निकाले गए कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा, बल्कि भारत में विदेशी निवेशकों के प्रति श्रम सुरक्षा के उच्च मानकों को स्थापित करने में भी मदद करेगा। इस प्रकार, श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित हो सकती है, जो भविष्य में समान विवादों को रोकने में सहायक सिद्ध होगी।