हैदराबाद में लगभग एक-चौथाई मतदाता को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत के रूप में वर्गीकृत किया गया है। विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) प्रक्रिया के तहत फॉर्म वितरण पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम चरण अभी जारी है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • हैदराबाद के कुल मतदाता में 24.33% को ASD (अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत) के रूप में चिह्नित किया गया।
  • फ़ॉर्म संग्रह की अंतिम तिथि 24 जुलाई से बढ़ाकर 3 अगस्त कर दी गई है।
  • डिजिटली जमा किए गए फ़ॉर्म का प्रतिशत 25.52% है, जबकि वास्तविक वितरण 33.73% तक पहुँचा।

हैदराबाद में विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (Special Intensive Revision – SIR) के अंतर्गत निर्वाचन सूची की व्यापक सफ़ाई जारी है। जिला निर्वाचन अधिकारी और जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन ने बुधवार को बताया कि 11,52,613 मतदाता को ASD (Absent, Shifted, Deceased) के रूप में वर्गीकृत किया गया, जो शहर की कुल मतदाता संख्या का 24.33% है।

पृष्ठभूमि एवं प्रक्रिया

SIR का उद्देश्य पुराने, डुप्लिकेट और मृत व्यक्तियों को सूची से हटाकर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में विश्वसनीय मतदान सुनिश्चित करना है। इस प्रक्रिया में बूथ‑लेवल अधिकारी (BLO) प्रत्येक घर से एन्क्यूलेशन फ़ॉर्म एकत्र करते हैं, जिससे मतदाता अपनी जानकारी सत्यापित कर सकें। हालाँकि, कई क्षेत्रों में BLO ने दरवाज़ा‑दरवाज़ा जाकर फ़ॉर्म नहीं जुटाया, जिससे अनुपस्थित या स्थानांतरित वर्गीकरण में गड़बड़ी हुई।

डेटा एवं वर्तमान स्थिति

कुल 3,73,349 एन्क्यूलेशन फ़ॉर्म ऑनलाइन जमा किए गए हैं, जबकि शेष फ़ॉर्म अभी भी शारीरिक रूप से संग्रहित किए जाने की प्रतीक्षा में हैं। कर्णन ने कहा कि जिन मतदाताओं को अभी तक फ़ॉर्म नहीं मिला, वे अपने नज़दीकी BLO से संपर्क कर सकते हैं; BLO दोपहर के बाद प्रत्येक क्षेत्र के केंद्र में उपलब्ध रहेंगे।

कुल 99.99% फ़ॉर्म वितरण राज्य स्तर पर पूरा हो चुका है, केवल रांगा रेड्डी (99.96%), मेडचल मल्काजगिरी (99.93%) और विकराबाद (99.9%) में थोड़ा अंतर बाकी है। इन जिलों में ASD आँकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं, इसलिए वास्तविक वितरण प्रतिशत की पुष्टि अभी संभव नहीं है।

भौगोलिक विश्लेषण

असम्बली क्षेत्रों में, चंद्रायंगुट्टा ने सबसे अधिक ASD मतदाता (1,23,591) दर्ज किए, जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के 32.76% बनाते हैं। इसके बाद करवान (1,02,380) और नम्पली (29.03%) आते हैं। यह दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या गतिशीलता और मृत्यु दर अधिक है, जिससे सूची को बार‑बार अपडेट करने की आवश्यकता बढ़ती है।

भविष्य की दिशा

डिजिटली जमा किए गए फ़ॉर्म का प्रतिशत अब 25.52% है, जबकि ASD मतदाताओं को छोड़कर वास्तविक वितरण 33.73% तक पहुंच चुका है। विस्तारित अंतिम तिथि के बाद इन आँकड़ों में सुधार की उम्मीद है। इस सफ़ाई से न केवल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि चुनावी परिणामों की वैधता भी मजबूत होगी।