अंध्रप्रदेश पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश ने दिल्ली के FAITH सम्मेलन में राज्य की नई पर्यटन रणनीति ‘स्वर्ण अंध्रा विज़न 2047’ प्रस्तुत की। उन्होंने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य की 1,054 किमी तटरेखा, 80,000 से अधिक मंदिर और विश्व‑प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों को उजागर किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • स्वर्ण अंध्रा पर्यटन विज़न 2047 का अनावरण
  • पर्यटन में 49% विदेशी यात्रियों की वृद्धि
  • लगभग ₹19,693 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

नई दिल्ली में आयोजित FAITH पर्यटन सम्मेलन 2026 में अंध्रप्रदेश के पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश ने राज्य की भविष्य‑दृष्टि को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। ‘स्वर्ण अंध्रा पर्यटन विज़न 2047’ का उद्देश्य अंध्रप्रदेश को भारत के प्रमुख वैश्विक पर्यटन गंतव्य में स्थापित करना है, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन दोनों को गति मिले।

विस्तृत पर्यटन संपदा

दुर्गेश ने बताया कि अंध्रप्रदेश “जहाँ भारत का हर रंग मौजूद है” – 1,054 किमी की विस्तृत समुद्री तटरेखा, 80,000 से अधिक मंदिर (जिसमें प्रसिद्ध तिरुमला मंदिर भी शामिल है), 13 वन्यजीव अभयारण्यों, तीन राष्ट्रीय उद्यान, देश का सबसे बड़ा बाघ अभयारण्य और कई यूनेस्को संभावित विरासत स्थल। इस विविधता ने राज्य को आध्यात्मिक, बौद्ध, विरासत, इको‑टूरिज्म, साहसिक, समुद्री, पाक‑पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन के एकीकृत केंद्र में बदल दिया है।

आंकड़े और निवेश प्रगति

पर्यटन मंत्रालय के डेटा के अनुसार, कुल यात्रियों की संख्या 2023‑24 में 28.58 करोड़ से बढ़कर 2025‑26 में 36.42 करोड़ हो गई, जबकि विदेशी यात्रियों की संख्या 1.70 लाख से 2.72 लाख तक लगभग 49% बढ़ी। राज्य ने पर्यटन परियोजनाओं को उद्योग‑स्थिति प्रदान की और 2024‑29 के लिए पारदर्शी पर्यटन नीति लागू की। अब तक ₹19,693 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से ₹9,200 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे लगभग 8,000 होटल कमरे जोड़ने की उम्मीद है।

रोजगार और नई पहलों का महत्व

दुर्गेश ने बताया कि अगले पाँच वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में तीन लाख नई नौकरियां सृजित करने की लक्ष्य निर्धारण की गई है। इस दिशा में कारवां पर्यटन, होमस्टे प्रमोशन, साहसिक पर्यटन दिशानिर्देश, समुद्री शैक और कॉन्सर्ट नीति, फिल्म टूरिज्म, तथा स्मारक अपनाने के कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही सात प्रमुख पर्यटन हब, कृष्णा व गोदावरी नदियों पर रिवर‑क्रूज़, छह हवाई अड्डे और ‘हॉलिडे इन अंध्रप्रदेश’ अभियान के माध्यम से वैवाहिक समारोह, व्यंजन और MICE (मीटिंग, इवेंट्स, कॉन्फ्रेंस) पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

भविष्य की राह

राज्य सरकार का यह व्यापक दृष्टिकोण न केवल आर्थिक वृद्धि को तेज करेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को सतत पर्यटन मॉडल के तहत सशक्त बनाएगा। यदि निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो अंध्रप्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह को और मजबूत कर सकता है, जिससे भारत की समग्र पर्यटन प्रतिस्पर्धा में भी वृद्धि होगी।