संसद के मानसून सत्र से पहले मोदी सरकार 'मिशन-360' के तहत दो-तिहाई बहुमत जुटाने में जुटी है। महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पास कराने के लिए सरकार को महज 6 सांसदों की दरकार है।

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मोदी सरकार मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत (360 सीटें) का लक्ष्य रख रही है।
  • वर्तमान गणित के अनुसार, एनडीए को अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मात्र 6 अतिरिक्त सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है।
  • परिसीमन बिल पर समर्थन हासिल करने के लिए सरकार ने 19 जुलाई को सभी दलों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
  • डीएमके (DMK) और शरद पवार गुट जैसे क्षेत्रीय दलों के रुख से सरकार की राह आसान हो सकती है।

नई दिल्ली में आगामी मानसून सत्र को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एक बार फिर से अपने सबसे महत्वाकांक्षी एजेंडे—महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन (Delimitation) बिल—को संसद के पटल पर रखने की तैयारी में है। इन दोनों विधेयकों को पारित करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी, जिसके लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत (360 सीटें) अनिवार्य है।

मिशन-360 और गणितीय चुनौती

बीजेपी की रणनीति को 'मिशन-360' का नाम दिया जा रहा है। वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटों में से कुछ सीटें खाली हैं, लेकिन दो-तिहाई के जादुई आंकड़े तक पहुँचने के लिए सरकार को एक ठोस संख्या बल की आवश्यकता है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो एनडीए के पास वर्तमान में लगभग 293 सांसदों का समर्थन है। यदि एनसीपी (NCP) और डीएमके (DMK) के सांसदों को जोड़ा जाए, तो यह संख्या 335 के करीब पहुँच जाती है। इसके अलावा, वाईएसआरसीपी (YSRCP) और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार 340 के आंकड़े को छू सकती है।

विपक्ष के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय दलों के बदलते समीकरणों के बीच, सरकार को अब केवल 6 सांसदों के समर्थन की कमी है। इसी कमी को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास पर अमित शाह और नितिन नवीन जैसे दिग्गजों के साथ गहन मंथन किया जा रहा है।

क्षेत्रीय दलों की भूमिका और रणनीतिक बदलाव

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डीएमके (DMK) का रुख कांग्रेस से अलग हो सकता है, जो सरकार के लिए एक बड़ी राहत है। तमिलनाडु की राजनीति में आए बदलावों के बाद, डीएमके का स्टैंड सरकार के पक्ष में झुक सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे गुट के साथ उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के संभावित जुड़ाव से भी एनडीए की स्थिति मजबूत हो सकती है।

संसदीय रणनीति और आगामी बैठक

इस सियासी बिसात को सुलझाने के लिए सरकार ने 19 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य परिसीमन बिल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनाना और विपक्ष के संभावित विरोध को कम करना है। बीजेपी के भीतर भी संगठनात्मक बदलावों की सुगबुगाहट है, जहाँ नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम के गठन की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही है।