कांग्रेस ने आगामी मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी Delimitation Bill, महंगाई, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कांग्रेस मानसून सत्र में Delimitation Bill का पुरजोर विरोध करेगी।
- 'चंदा चोरी', पेपर लीक, महंगाई और विदेशी नीति की विफलता जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।
- पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को विभाजित कर बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है।
- महिला आरक्षण का समर्थन, लेकिन इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ने का विरोध।
नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की बैठक में पार्टी ने आगामी मानसून सत्र के लिए एक आक्रामक रुख अपनाने का निर्णय लिया है। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया, जहाँ सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों की रूपरेखा तैयार की गई।
परिसीमन विधेयक और संवैधानिक अखंडता
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संकेत दिया कि सरकार संभवतः परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को फिर से पेश करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वे इस विधेयक का कड़ा विरोध करेंगे। रमेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री विपक्षी दलों में फूट डालकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की 'चालाकी भरी रणनीति' अपना रहे हैं, जो संविधान का अपमान है। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण का वे स्वागत करते हैं, लेकिन इसे परिसीमन के साथ जोड़ना एक खतरनाक चाल है।
प्रमुख मुद्दे: भ्रष्टाचार से लेकर शिक्षा तक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा की गई जानकारी में कई ज्वलंत मुद्दों की सूची दी है। इनमें 'चंदा चोरी' (अयोध्या राम मंदिर दान विवाद), NEET पेपर लीक के कारण शिक्षा प्रणाली का क्षरण, बढ़ती महंगाई, और विदेशी नीति की विफलताएं शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी एथेनॉल सम्मिश्रण (Ethanol Blending) के कारण वाहन मालिकों पर पड़ने वाले बोझ और वनों की अंधाधुंध कटाई जैसे पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी सरकार को जवाबदेह ठहराएगी।
विधेयकों का विरोध और वैश्विक संबंध
पार्टी केवल आर्थिक और सामाजिक मुद्दों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वह Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill, FCRA संशोधनों और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में प्रस्तावित बदलावों का भी विरोध करेगी। इसके साथ ही, संसद में चीन और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर चर्चा की मांग भी की जाएगी। कांग्रेस का लक्ष्य मानसून सत्र के दौरान सरकार को हर मोर्चे पर घेरना है।