रानीपेट के वलाजाह जिला अदालत में जल आपूर्ति की गंभीर कमी को दूर करने के लिए सार्वजनिक कार्य विभाग ने 400 मीटर गहरा नया बोरवेल डाला। हाई‑पावर पंप सेट के साथ दो दिनों में पूर्ण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे वकीलों और मुकदमेबाजों को न्यायिक प्रक्रिया में स्थिरता मिलेगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- वालाजाह कोर्ट में जल आपूर्ति बहाल करने के लिए 400 मीटर गहरा बोरवेल स्थापित किया गया।
- नए बोरवेल को चलाने के लिए हाई‑पावर पंप सेट लगाए जाएंगे, कार्य दो दिनों में पूर्ण।
- जल संकट के कारण कोर्ट में वकीलों के हड़ताल का अंत, न्यायिक कार्यवाही में सुगमता।
रानीपेट जिले के वलाजाह में स्थित जिला मुन्सिफ़‑कम‑मैजिस्ट्रेट कोर्ट में सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) ने एक नया बोरवेल स्थापित किया, जिससे जल आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित हो सके। यह कदम तब आया जब जल संकट ने कोर्ट के प्रचालन को बाधित कर दिया था, जिससे वकीलों ने लगभग एक हफ्ते तक हड़ताल कर ली थी।
पृष्ठभूमि और इतिहास
वालाजाह कोर्ट ब्रिटिश युग में 1920 के दशक में स्थापित हुआ था और यह रानीपेट, आरक्कोनाम, आर्कोट और शोलिंगहूर सहित पाँच प्रमुख जिलों में सबसे पुराना न्यायालय है। 1998 में नया कोर्ट भवन बनाते समय एक बोरवेल स्थापित किया गया था, जिसकी क्षमता लगभग 15,000 लीटर के ओवरहेड टैंक (OHT) से जुड़ी थी। तब से यह बोरवेल कोर्ट की दैनिक जल आवश्यकता को पूरा करता आया है।
वर्तमान जल संकट
पिछले दो हफ्तों में जल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कोर्ट को निजी टैंकर ट्रकों पर निर्भर रहना पड़ा। स्थानीय जल स्तर में गिरावट और भूमिगत जल की कमी ने मौजूदा बोरवेल को सूखा बना दिया। परिणामस्वरूप, प्रतिदिन 200 से अधिक मुकदमेबाज, 120 वकील और कोर्ट कर्मचारियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था।
नया बोरवेल और अपेक्षित लाभ
नया बोरवेल 400 मीटर की गहराई तक खोदा गया है, जिससे जल स्रोत का स्थायी स्तर सुनिश्चित हो सके। हाई‑पावर पंप सेट स्थापित करने के बाद, यह बोरवेल प्रतिदिन कम से कम 5,000 लीटर पानी प्रदान कर सकेगा, जो कोर्ट की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। काम दो दिनों में समाप्त हो जाएगा, जिससे कोर्ट का संचालन फिर से सुचारु हो जाएगा।
समुदाय और न्यायिक प्रणाली पर प्रभाव
वालाजाह के ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए न्यायालय का सुगम कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई जल व्यवस्था से वकीलों की हड़ताल समाप्त हुई है और मुकदमेबाजों को न्याय मिलने की आशा फिर से जीवित हुई है। कोर्ट के अध्यक्ष, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के. एलंगोवन ने कहा, “नया बोरवेल हमारे लिए जल संकट का स्थायी समाधान है और न्यायिक प्रक्रिया में स्थिरता लाएगा।”