'True the Vote' समूह एक नई डॉक्यूमेंट्री 'Trap' के जरिए 2020 के चुनाव परिणामों को फिर से चुनौती देने की तैयारी कर रहा है, जिसमें बिना सबूत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 'True the Vote' समूह नई डॉक्यूमेंट्री 'Trap' रिलीज करने जा रहा है।
- फिल्म में अश्वेत समुदायों में चुनावी धोखाधड़ी के निराधार दावे किए जाने की संभावना है।
- पूर्व में किए गए समान कानूनी दावे अदालतों द्वारा खारिज किए जा चुके हैं।
- डिट्रॉइट के एक पादरी के साथ मिलकर यह परियोजना चलाई जा रही है।
चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले विवादित समूह 'True the Vote' ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। '2000 Mules' नामक फिल्म के लिए जिम्मेदार, जिसे चुनावी धोखाधड़ी के झूठे दावों के लिए व्यापक रूप से खारिज किया गया था, अब एक नई डॉक्यूमेंट्री 'Trap' के साथ वापसी कर रहा है। यह फिल्म विशेष रूप से मिशिगन और डेट्रॉइट के क्षेत्रों पर केंद्रित होने की उम्मीद है, जहाँ बिना किसी ठोस सबूत के चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बिना सबूत के गंभीर आरोप
इस नई परियोजना में डेट्रॉइट के पादरी Lorenzo Sewell की भूमिका महत्वपूर्ण है। सेवेल का दावा है कि डेमोक्रेटिक अधिकारी अश्वेत मतदाताओं के नाम पर फर्जी तरीके से वोट डाल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास इन दावों की पुष्टि के लिए कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि उनके ये दावे उन कानूनी मुकदमों की याद दिलाते हैं जिन्हें पहले ही अदालतों द्वारा 'साक्ष्य की कमी' और 'कानूनी आधार की कमी' के कारण खारिज किया जा चुका है।
राजनीतिक निहितार्थ और विशेषज्ञों की चिंता
विशेषज्ञों ने इस नई फिल्म के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। Center for Election Innovation and Research के प्रमुख डेविड बेकर के अनुसार, 2020 का चुनाव दुनिया के इतिहास का सबसे अधिक जांचा गया चुनाव है। ऐसे में वर्षों बाद बिना आधार के ऐसे दावे करना केवल जनता के बीच अविश्वास पैदा करने का एक प्रयास लगता है। यह फिल्म ऐसे समय में आ रही है जब राजनीतिक माहौल पहले से ही चुनावी अखंडता को लेकर गरमाया हुआ है।
'2000 Mules' का विवादित इतिहास
गौरतलब है कि 'True the Vote' का पिछला काम '2000 Mules' काफी विवादों में रहा था। उस फिल्म में दावा किया गया था कि 'म्यूल्स' (ढोने वाले) ड्रॉप बॉक्स में अवैध रूप से मतपत्र डाल रहे थे। बाद में, एक जॉर्जिया निवासी पर गलत तरीके से आरोप लगाने के कारण फिल्म निर्माता को कानूनी समझौते और वितरण बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। अब 'Trap' के माध्यम से वही पैटर्न दोहराने की कोशिश की जा रही है।