रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को मिले ध्वस्तीकरण नोटिस ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक एजेंडे के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित कर नोटिस जारी किया।
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा के क्षेत्र में भी सांप्रदायिकता देखने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक लाभ के लिए किया गया लक्षित हमला बताया है।
- RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि यूनिवर्सिटी को तोड़ना विचारों और भविष्य पर हमला है।
उत्तर प्रदेश के रामपुर में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को जारी किए गए ध्वस्तीकरण नोटिस ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। यह विश्वविद्यालय समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से जुड़ा है, जो मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी आधार
RDA के उपाध्यक्ष और रामपुर के जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन का दावा है कि यूनिवर्सिटी परिसर में 40 में से 38 इमारतें बिना अनुमति के, यानी अवैध रूप से बनाई गई हैं। प्राधिकरण ने संस्थान को इन संरचनाओं को हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया है, विफल रहने पर सीधे ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी गई है।
विपक्षी दलों का तीखा हमला
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा के क्षेत्र में भी सांप्रदायिकता देख रही है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा अपने उन सहयोगियों की अवैध इमारतों पर कार्रवाई करेगी जो बिना पंजीकरण के हैं? उन्होंने इस कदम को निंदनीय बताया।
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने इस मामले को अदालत में ले जाने की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि कई पुराने विश्वविद्यालय पुराने नियमों के तहत बने हैं, लेकिन केवल एक विशिष्ट संस्थान को निशाना बनाना समाज को ध्रुवीकृत करने का प्रयास है। उन्होंने इसे मुस्लिम समुदाय और उनके नेताओं से जुड़ी संस्थाओं को अपमानित करने का एक व्यापक पैटर्न बताया।
वैचारिक युद्ध और भविष्य की चिंता
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे को एक गहरे दार्शनिक और सामाजिक स्तर पर ले जाते हुए कहा कि यह केवल इमारतों को गिराने का मामला नहीं है। उन्होंने कहा, "जो शासन बुलडोजर या प्रशासनिक दमन के माध्यम से विश्वविद्यालयों को नष्ट करने की कोशिश करता है, वह केवल निर्माण को नहीं तोड़ता; वह विचारों, अंतरात्मा और देश के भविष्य पर हमला करता है।"