मदन मित्रा के दल बदलने के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां और पुलिस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन गई हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर दबाव की राजनीति का आरोप लगाया।
  • ममता ने कहा कि पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही हैं।
  • उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर लगे वंशवाद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
  • ममता ने भाजपा द्वारा सरकारी फंड रोकने और बंगाल की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता मदन मित्रा के विपक्षी खेमे में शामिल होने के बाद एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। फेसबुक लाइव के माध्यम से संबोधित करते हुए, बनर्जी ने न केवल पार्टी छोड़ने वालों को 'गद्दार' करार दिया, बल्कि भाजपा पर राज्य के नेताओं को डराने-धमकाने और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया।

'केंद्रीय एजेंसियां भाजपा के हथियार'

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस और प्रशासन अब निष्पक्ष नहीं रहे। उन्होंने कहा, "मैं पुलिस का सम्मान करती हूँ, लेकिन वे भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें धमकी दी जा रही है कि या तो भाजपा में शामिल हो जाएं या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सत्ता के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगी, जबकि उनके विरोधी डर के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं।

वंशवाद के आरोपों पर पलटवार

विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वंशवाद (Nepotism) के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक को निशाना बनाना एक राजनीतिक साजिश है। बनर्जी ने कहा, "अभिषेक ने कभी युद्ध के मैदान से भागने की कोशिश नहीं की। यदि वह समझौता करना चाहते, तो उन्हें राहत मिल सकती थी, लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके परिवार ने कभी भी सत्ता के लिए अपने मूल्यों का सौदा नहीं किया है।

शासन और केंद्र के साथ संघर्ष

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर बंगाल के विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने फंड रोक दिया है, फिर भी उनकी सरकार ने 105 महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू कीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा स्थानीय निकायों और पंचायतों पर जबरन नियंत्रण पाने के लिए पुलिस का उपयोग कर रही है। ममता बनर्जी ने बंगाल की संस्कृति, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर बढ़ते खतरों के प्रति भी चिंता व्यक्त की।