बंकपुर बायपोल में पहली बार चुनाव लड़ने वाले जन सराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, जब नागरिक जाति‑धर्म की सीमाओं से ऊपर उठते हैं तो भाजपा जैसी पार्टियों का समर्थन घटता है। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार बदलने को लोकतंत्र की शक्ति बताया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- भाजपा ने बंकपुर बायपोल के उम्मीदवार को बदल दिया, जिससे स्थानीय राजनीति में उथल‑पुथल
- प्रशांत किशोर अपनी पहली चुनावी लड़ाई में पार्टी की रणनीति को चुनौती दे रहे हैं
- जनता का असंतोष बढ़ा, मुख्य कारण सरकारी नीतियों में कमी
बंकपुर, बिहार – जन सराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आगामी बंकपुर विधानसभा बायपोल में भाजपा के उम्मीदवार परिवर्तन को लोकतंत्र की शक्ति के रूप में उजागर किया। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र, जो पहले भाजपा का ‘किला’ माना जाता था, अब जनता के एकजुट होने से असहज हो गया है।
उम्मीदवार बदलने की पृष्ठभूमि
भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को नई उम्मीदवार के रूप में घोषित किया, जबकि पूर्व प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया। यह बदलाव बंकपुर के राजनीतिक समीकरणों को अस्थिर कर रहा है, क्योंकि कई स्थानीय नेताओं ने इसे पार्टी के भीतर असंतोष का संकेत माना है।
प्रशांत किशोर की आलोचना
किशोर ने एएनआई को बताया कि जनता ने 2025 के नवंबर में “परिवर्तन” के नारे के बाद निराशा महसूस की। उन्होंने रेशन कार्ड से नाम हटाने, छात्र क्रेडिट कार्ड भुगतान में देरी, गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और बरसात के बाद भी नालों की सफाई न होने जैसी समस्याओं को उजागर किया। इन मुद्दों ने सरकार के भरोसे को कम किया, जिससे लोगों ने जाति‑धर्म के आधार पर मतदान नहीं किया।
भाजपा की रणनीति पर प्रश्न
किशोर का कहना है कि भाजपा की पिछली सफलता मुख्य रूप से लालू प्रसाद यादव के डर से थी, न कि पार्टी के वास्तविक समर्थन से। अब जब जनता के पास एक वैकल्पिक विकल्प है, तो भाजपा को अपने आधार को पुनः स्थापित करना पड़ेगा। उन्होंने इस बात को “लोकतंत्र की शक्ति” के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें नागरिकों ने पारंपरिक वोट‑भेड़ के बजाय मुद्दों पर ध्यान दिया।
बायपोल की समयसीमा
इलेक्ट्रिक कमीशन ने बंकपुर, साथ ही मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मंजालपुर के बायपोल की तिथियां घोषित की हैं। नामांकन अंतिम तिथि 13 जुलाई, जांच 14 जुलाई, और मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है, जबकि परिणाम 3 अगस्त को गिनती के बाद घोषित होंगे। इस बीच, स्थानीय राजनीति में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।