मुख्यमंत्री ने 516 दैनिक वेतन कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र सौंपे और 237 अधिकारियों की लंबित प्रोमोशन को पुनर्स्थापित किया। यह कदम ठेकेदार प्रणाली को समाप्त कर, मेरिट‑आधारित 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियों को सुदृढ़ करता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 516 दैनिक वेतन कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति
- 237 अधिकारियों की लंबित प्रोमोशन पुनर्स्थापित
- ठेकेदार प्रणाली समाप्त, 68,000+ नौकरियों पर मेरिटो आधार
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को वन विभाग के 516 दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित कर दिया, जिससे उनके भविष्य को लेकर लंबे समय से चल रहे अनिश्चितता को खत्म किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और साथ ही 237 वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लंबित प्रोमोशन को भी बहाल किया।
ठेकेदार प्रणाली का समाप्तिकरण और मेरिट‑आधारित भर्ती
मान सरकार ने ठेकेदार प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे अब सभी कर्मचारियों को सीधे सरकारी रोजगार की गारंटी मिली है। उन्होंने कहा कि अब तक 68,268 नौकरियों को केवल योग्यता‑आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को प्रदान किया जा चुका है, जिससे ‘रंगला पंजाब’ का सपना साकार हो रहा है। यह पहल पूर्व शासन के अनुबंधित कर्मचारियों के प्रति उदासीनता को चुनौती देती है।
कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मई 2023 में जारी की गई ऐतिहासिक नीति के तहत सभी कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा प्राप्त होगी, जिसके बाद वे सामान्य पेंशन प्रक्रिया के तहत सेवानिवृत्त होंगे। इस नीति के अनुसार, जनवरी 2024 में वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार एक पारदर्शी वेतन संरचना लागू की गई है, जिसमें ग्रुप‑D कर्मचारियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा VIII और कक्षा X निर्धारित की गई है।
वन विभाग के भविष्य में योगदान
मान ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी पंजाब की हरित आवरण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी ऐसे किसी फ़ाइल पर हस्ताक्षर नहीं किया जिससे किसी कर्मचारी को नुकसान हो या राज्य को आर्थिक हानि उठानी पड़े।” इसके साथ ही उन्होंने राज्य में वन विश्राम गृहों के पुनरुद्धार के लिए विशेष प्रयासों का उल्लेख किया।
समाज में व्यापक प्रभाव
यह कदम न केवल कर्मचारियों के लिए रोजगार सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और सार्वजनिक भरोसा भी बनाता है। नियमित नियुक्तियों और प्रोमोशन के पुनर्स्थापन से कर्मचारियों में मनोबल बढ़ेगा, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे और पर्यावरणीय संरक्षण में अधिक योगदान देंगे। यह पहल पंजाब के विकास मॉडल को एक नई दिशा देती है, जहाँ सार्वजनिक सेवा को सम्मान, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ प्रस्तुत किया जाता है।