बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हजारों लोग एकत्र हुए, दिल्ली के छात्र आंदोलन के साथ एकजुट होते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। कैंडल और मोबाइल टॉर्च से रोशन रात ने इस विरोध को भावनात्मक शक्ति प्रदान की।
मुख्य बिंदु
- दिल्ली के छात्र विरोध के साथ बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
- धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ इस्तीफ़ा की माँग
- NEET पेपर लीकेज को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन
बेंगलुरु में प्रदर्शन की रूपरेखा
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार (23 जुलाई) को विभिन्न संगठनों के सदस्य, छात्र, अभिभावक और कार्यकर्ता एकत्र हुए। वे दिल्ली के कॉकरॉच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध को समर्थन दे रहे थे, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET पेपर लीकेज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ है।
प्रदर्शन में डालित संघर्ष समिति (DSS) के साथ-साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन (AIDSO), आम आदमी पार्टी (AAP) और बेंगलुरु नवनिर्माण पार्टी (BNP) ने भी भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की।
रंगीन नारे और रचनात्मक पोस्टर
रात के अंधेरे में प्रदर्शनकारियों ने कैंडल जलाए और मोबाइल टॉर्च जलाकर एकजुटता दिखायी। एक गर्भवती महिला ने "Pregnancy craving: Accountability" लिखा पोस्टर पकड़ा, जबकि एक छोटे बच्चे ने पिता के कंधे पर "धर्मेंद्र अंकल, कृपया कुर्सी से उठें, हमें बेहतर शिक्षा चाहिए" लिखा।
नमन, एक थिएटर कलाकार, ने लाठी की नकल और पोस्टर थामे कहा, "मैं दिल्ली में 21 जुलाई को लाठी से डर कर भाग गया, आज मैं इस लाठी को लेकर खड़ा हूँ, ताकि कोई भी मुझे मारने की कोशिश करे, मैं पीछे नहीं हटूँगा।"
Historical Background
NEET परीक्षा को लेकर पिछले कई वर्षों में कई बार लीक और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं। 2022 में हुए लीक ने छात्रों और अभिभावकों में व्यापक असंतोष उत्पन्न किया, जिससे कई राज्य सरकारें केंद्र द्वारा आयोजित परीक्षा के विरुद्ध विरोध करने लगीं। इस पृष्ठभूमि में धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका को लेकर आलोचना तेज़ हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the protest reflects deepening distrust in centralised education policies and could reshape future federal‑state relations in India’s education sector.
"NEET की विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करना अब अनिवार्य है," प्रो. रवींद्र मेहता, शिक्षा विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग किस आधार पर की जा रही है?
उत्तर: मुख्य कारण NEET पेपर लीकेज और शिक्षा नीति में केंद्रीयकरण का विरोध है।
प्रश्न 2: क्या इस विरोध का कोई राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन है?
उत्तर: हाँ, कई राज्य स्तर के छात्र संघ और राजनीतिक दल इस आंदोलन में शामिल हैं।