तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश समिति (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और अन्य नेताओं ने परीक्षा लीक के मुद्दे पर BRS के विरोध प्रदर्शन को 'राजनीतिक नाटक' करार दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BRS के शासनकाल में भी कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रभावित हुई थीं।
मुख्य बातें
- TPCC अध्यक्ष ने BRS के विरोध प्रदर्शन को अनैतिक बताया।
- कांग्रेस ने BRS शासन के दौरान हुई परीक्षा लीक की घटनाओं को याद दिलाया।
- BJP पर NEET पेपर लीक मामले में विफल रहने का आरोप लगाया गया।
- छात्रों की आत्महत्या के मामलों में आर्थिक सहायता की मांग की गई।
हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बीआरएस (BRS) और भाजपा (BJP) पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर बीआरएस द्वारा इंदिरा पार्क में आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस मुद्दे पर आंदोलन करने का बीआरएस के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
TPCC महासचिव चनगनी दयाकर और विधायक चोपाडांडी मेडिपल्ली सत्यम ने कहा कि तेलंगाना के युवाओं ने बीआरएस के दस साल के शासनकाल के दौरान हुई अनियमितताओं को नहीं भुलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि Group-I, SSC और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की घटनाएं बीआरएस सरकार के कार्यकाल में ही हुई थीं।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना की राजनीति में परीक्षा पेपर लीक एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बन गया है। जहाँ एक ओर सत्ताधारी दल विपक्ष के विरोध को 'दिखावा' बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र और युवा भविष्य की अनिश्चितता को लेकर चिंतित हैं। यह राजनीतिक खींचतान सीधे तौर पर राज्य के शैक्षिक भविष्य और युवाओं के भरोसे से जुड़ी है।
कांग्रेस का तर्क है कि जो दल खुद अतीत में विफल रहा, वह आज छात्रों के अधिकारों के लिए खड़ा होने का ढोंग कर रहा है।
कांग्रेस ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने NEET पेपर लीक जैसे मामलों में छात्रों की रक्षा करने में विफलता दिखाई है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के छात्र समर्थक रुख की सराहना की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कांग्रेस ने BRS पर क्या आरोप लगाया है?
उत्तर: कांग्रेस का आरोप है कि BRS के शासनकाल में भी Group-I और SSC जैसी परीक्षाएं पेपर लीक से प्रभावित हुई थीं, इसलिए उन्हें विरोध करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
प्रश्न 2: कांग्रेस ने केंद्र सरकार से क्या मांग की है?
उत्तर: कांग्रेस ने NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।