DMK नेता और सांसद कनिमोझी ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के युवाओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने की मांग पर भी जोर दिया।
मुख्य बातें
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET पेपर लीक विवाद के बाद हुआ।
- कनिमोझी ने इसे युवाओं की एकजुटता और केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ी जीत बताया।
- DMK ने शिक्षा विषय को पुनः राज्य सूची में शामिल करने की मांग दोहराई।
- पुलिस के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक उत्पीड़न पर भी सवाल उठाए गए।
थूथुकुडी की सांसद और DMK की उप महासचिव कनिमोझी करुणानिधि ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश भर के छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता है। कनिमोझी ने कहा कि छात्रों ने लगातार केंद्र सरकार से इस घोटाले की जिम्मेदारी लेने की मांग की थी, और अंततः उनकी आवाज सुनी गई।
कनिमोझी ने इस बात पर जोर दिया कि जब यह नैरेटिव फैलाया जा रहा था कि कोई भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती नहीं दे सकता, तब देश के युवाओं ने राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करके इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जवाबदेही तय की जा सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटनाक्रम भारत में छात्र राजनीति और शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा घोटाले ने न केवल छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला, बल्कि केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे पर भी नई बहस छेड़ दी है।
"युवाओं का यह आंदोलन केवल एक परीक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि यह सत्ता की जवाबदेही तय करने की एक बड़ी लड़ाई है।"
सांसद ने आगे कहा कि युवाओं की अगली मांग शिक्षा को पुनः राज्य सूची (State List) में शामिल करने की है। उन्होंने कहा कि DMK लंबे समय से इस मांग को उठाती रही है और यदि यह सफल होता है, तो यह संघीय ढांचे की मजबूती के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
इसके साथ ही, कनिमोझी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उपयोग महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को डराने और उन पर मामले दर्ज करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने थूथुकुडी में अरुणाचलम के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की, जिनकी पुलिस हिरासत में रहने के कुछ दिनों बाद मृत्यु हो गई थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में NEET (National Eligibility cum Entrance Test) परीक्षा को केंद्रीकृत किया गया था ताकि प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता लाई जा सके, लेकिन पिछले कुछ समय से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने इस प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. कनिमोझी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को जीत क्यों कहा?
क्योंकि यह छात्रों के निरंतर विरोध और केंद्र सरकार पर जवाबदेही तय करने के दबाव का परिणाम था।
2. DMK की शिक्षा को लेकर मुख्य मांग क्या है?
DMK चाहती है कि शिक्षा को केंद्र की सूची से हटाकर वापस राज्य सूची में शामिल किया जाए।