कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सीएमआईई (CMIE) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि शिक्षा की लागत घरेलू आय की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिससे युवा और उनके माता-पिता संकट में हैं।

मुख्य बातें

  • शिक्षा पर होने वाला खर्च घरेलू आय की तुलना में काफी तेजी से बढ़ रहा है।
  • निजी ट्यूशन और किताबों पर खर्च शिक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा बन गया है।
  • कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और बढ़ती लागत को युवाओं के गुस्से का मुख्य कारण बताया है।
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाया है।

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने रविवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि देश का युवा और उनके माता-पिता शिक्षा की पहुंच और सामर्थ्य (affordability) को लेकर गहरे संकट में हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि केवल परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी ही समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक कारण भी अत्यंत गंभीर हैं।

जयराम रमेश ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के हालिया विश्लेषण का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2014-15 से 2025-26 के बीच के डेटा से यह स्पष्ट है कि शिक्षा की लागत घरेलू आय की तुलना में बहुत अधिक तेजी से बढ़ी है। परिवार अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा अब केवल बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करने को मजबूर हैं।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार की लागत आय से अधिक हो जाती है, तो यह सामाजिक असमानता को जन्म देती है। रमेश के अनुसार, निजी ट्यूशन और किताबों पर होने वाला खर्च अब एक बोझ बन चुका है, जो मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों की कमर तोड़ रहा है।

शिक्षा की बढ़ती लागत केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य और सामाजिक न्याय के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

गौरतलब है कि यह बयान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद आया है। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और देशव्यापी प्रदर्शनों के दबाव के कारण प्रधान को अपने पद से हटना पड़ा। कांग्रेस ने इसे 'प्रधान और (पूर्व) मंत्री प्रधान' की जोड़ी की विफलता करार दिया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले एक दशक में भारत में निजी शिक्षा क्षेत्र का विस्तार हुआ है, लेकिन सार्वजनिक शिक्षा ढांचे में सुधार की गति धीमी रही है। इसके परिणामस्वरूप, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और निजी संस्थानों पर निर्भरता बढ़ी है, जिससे शिक्षा का व्यवसायीकरण हुआ है।

क्या आप जानते हैं?: CMIE के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा पर होने वाले खर्च में निजी ट्यूशन एक सबसे तेजी से बढ़ने वाला घटक बनकर उभरा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कांग्रेस के आरोपों का मुख्य आधार क्या है?
कांग्रेस का मुख्य आधार CMIE का डेटा है जो दिखाता है कि शिक्षा का खर्च आय की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है।

2. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का कारण क्या था?
नीट पेपर लीक विवाद और व्यापक जन-आंदोलन के दबाव के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।