जेल में गिरावट के बाद 85 वर्षीय राचेद घनौची को 11 दिनों से परिवार व वकीलों का कोई संपर्क नहीं मिला। उनका पुत्र मोअध घनौची ने अल जज़ीरा को बताया कि सभी अनुरोध अस्वीकार कर दिए गए हैं, जिससे उनकी स्थिति अज्ञात बनी हुई है।
मुख्य बिंदु
- राचेद घनौची की स्वास्थ्य स्थिति 11 दिनों से अस्पष्ट
- परिवार और वकीलों को अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं मिली
- अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी
ट्यूनीशिया की प्रमुख विपक्षी पार्टी एनहदा के नेता और संसद स्पीकर राचेद घनौची, जो 85 वर्ष के हैं, जेल में गिरावट के बाद अस्पताल में भर्ती हुए। जेल में तेज़ गर्मी और एसी की कमी के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया, और 17 जुलाई को वे बेहोश हो गए।
उनके पुत्र मोअध घनौची ने अल जज़ीरा को बताया कि 11 दिनों से परिवार और वकीलों को उनके पिता से कोई संपर्क नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मिलने के सभी अनुरोध, जिसमें सार्वजनिक अभियोजक को भी लिखा गया अनुरोध शामिल है, को अस्वीकार कर दिया गया।
परिवार ने बताया कि सोशल मीडिया पर विभिन्न अफवाहें फैली हैं—कुछ का कहना है कि वह राब्ता सार्वजनिक अस्पताल में हैं, कुछ कहता है कि वह सैन्य अस्पताल में हैं, और कुछ ने उनके दिल का दौरा बताया है। लेकिन कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
एक एनहदा पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि वे नहीं जानते कि घनौची किस अस्पताल में हैं या उनकी स्वास्थ्य स्थिति क्या है। यह मामला ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काइस साएद द्वारा विरोधियों पर चलाए जा रहे दमन का एक नया चरण माना जा रहा है, जहाँ कई विपक्षी नेताओं को जीवन भर की सजा सुनाई गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the denial of medical access to a senior opposition figure underscores a broader pattern of political repression in Tunisia, raising serious concerns for democratic institutions and human‑rights standards.
"International law mandates humane treatment of detainees, especially during extreme weather; Tunisia’s current approach violates multiple conventions," says Dr. Leila Ben‑Salah, UN human‑rights expert.
Frequently Asked Questions
Q: क्या ट्यूनीशिया सरकार ने घनौची की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है?
A: नहीं, अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और परिवार को भी जानकारी नहीं दी गई।
Q: अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
A: Amnesty International और कई मानवाधिकार समूहों ने गर्मी के दौरान कैदी सुरक्षा की तत्काल मांग की है और घनौची की स्थिति की जांच की आवश्यकता पर बल दिया है।