भाजपा ने संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर 'समरसता संकल्प अभियान' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दलित मतदाताओं को एकजुट करना है। वाराणसी से शुरू होने वाली यह यात्रा पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैलेगी।

मुख्य बातें

  • भाजपा संत रविदास की 650वीं जयंती पर 'समरसता संकल्प अभियान' शुरू कर रही है।
  • वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से 131 पवित्र कलशों के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा।
  • इस अभियान का लक्ष्य 2027 में होने वाले यूपी, पंजाब और अन्य राज्यों के चुनावों में दलित वोट बैंक को साधने का है।
  • यात्रा का समापन 20 फरवरी 2027 को होगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक रणनीति तैयार की है। संत रविदास की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर, पार्टी ने 'समरसता संकल्प अभियान' की घोषणा की है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में दलित समुदाय के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का एक सुविचारित राजनीतिक कदम है।

वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से शुरू होने वाले इस अभियान में भाजपा के शीर्ष नेता, जिनमें सीएम योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं, प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को 131 कलशों में भरकर देशभर के विभिन्न हिस्सों में ले जाया जाएगा। यह मिट्टी 27 राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भाजपा का यह कदम सीधे तौर पर मिशन-2027 से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश में दलित आबादी लगभग 21% है, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा लगभग 32% है, जो देश में सबसे अधिक है। इन राज्यों में दलित मतदाता अक्सर चुनाव परिणामों को बदलने की क्षमता रखते हैं।

यह यात्रा धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश देने और चुनावी गणित को बदलने की एक मास्टरस्ट्रोक रणनीति है।

अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण (30 जुलाई - 10 सितंबर) में नेता विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर संतों से जुड़ेंगे। दूसरे चरण (5 अक्टूबर से) में यात्रा पंजाब से उत्तर प्रदेश के बीच के दलित बहुल इलाकों से होकर गुजरेगी, जिससे पार्टी सीधे तौर पर ग्रामीण और कस्बाई दलित मतदाताओं से संपर्क साध सकेगी।

विभिन्न राज्यों में दलित जनसंख्या का प्रभाव

राज्यअनुमानित दलित आबादी (%)
पंजाब32%
हिमाचल प्रदेश25%
उत्तर प्रदेश21%
हरियाणा21%
उत्तराखंड19%
क्या आप जानते हैं?: संत रविदास जी ने सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा का संदेश दिया था, जो आज भी भारत के सामाजिक ताने-बाने में अत्यंत प्रासंगिक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. समरसता संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य संत रविदास के विचारों के माध्यम से सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और आगामी चुनावों के लिए दलित समुदाय के साथ जुड़ाव बनाना है।

2. यह यात्रा कब समाप्त होगी?
यह अभियान 20 फरवरी 2027 को संपन्न होगा।