कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान, 16 जून से 29 जुलाई के बीच 11.4 लाख से अधिक फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 57% फॉर्म, विशेष रूप से फॉर्म-8, प्रविष्टियों में सुधार या पते में बदलाव के लिए हैं।
मुख्य बिंदु
- कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 11.4 लाख से अधिक फॉर्म प्राप्त हुए हैं।
- प्राप्त कुल फॉर्मों में से लगभग 57% (7.74 लाख से अधिक) फॉर्म-8 हैं, जो प्रविष्टियों में सुधार, पते में बदलाव या EPIC कार्ड बदलने के लिए हैं।
- नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 की 3.32 लाख से अधिक प्रतियां भी प्राप्त हुई हैं।
- अधिकांश आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, केवल 331 ऑफलाइन जमा किए गए हैं।
- 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' के रूप में चिह्नित मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी है।
बेंगलुरु: कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) 2026 के तहत, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय में 16 जून से 29 जुलाई के बीच 11.40 लाख से अधिक फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इन फॉर्मों में नए मतदाताओं का पंजीकरण, मौजूदा मतदाताओं के विवरण में सुधार, और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे विभिन्न अनुरोध शामिल हैं।
फॉर्म-8 का बढ़ा प्रचलन
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वी. अंबू कुमार ने बुधवार को बताया कि प्राप्त कुल फॉर्मों में सबसे बड़ा हिस्सा फॉर्म-8 का है, जिसकी संख्या 7.74 लाख से अधिक है। फॉर्म-8 का उपयोग मतदाता सूची में प्रविष्टियों को ठीक करने, पते बदलने, मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को बदलने या विकलांगता की स्थिति को अपडेट करने के लिए किया जाता है। इन फॉर्म-8 में से, 6.47 लाख से अधिक प्रविष्टियों में 'सुधार' के लिए हैं, जबकि 90,349 'निवास स्थान बदलने' के लिए हैं।
इसके अतिरिक्त, नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए भेजे गए फॉर्म-6 की 3.32 लाख से अधिक प्रतियां प्राप्त हुई हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने के अनुरोध वाले फॉर्म-7 की संख्या 30,696 है। प्रवासी भारतीय नागरिकों (NRIs) द्वारा अपने नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्म-6A के तहत 2,783 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रभुत्व
यह प्रक्रिया काफी हद तक ऑनलाइन संचालित हुई है, जिसमें अब तक केवल 331 फॉर्म ही ऑफलाइन जमा किए गए हैं। यह डिजिटल माध्यमों के प्रति नागरिकों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
'स्थायी रूप से स्थानांतरित' मतदाताओं की बढ़ी संख्या
फॉर्म-8 के आवेदनों में वृद्धि इस तथ्य के साथ मेल खाती है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत और अन्य (ASDDO) श्रेणी के तहत 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बुधवार शाम 6 बजे तक, 53.39 लाख से अधिक मतदाताओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' के रूप में चिह्नित किया गया था, जबकि 11.92 लाख से अधिक को 'अनुपस्थित या पता न चलने योग्य' के रूप में वर्गीकृत किया गया था। श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' या 'अनुपस्थित' के रूप में चिह्नित किया जाता है यदि बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) तीन बार के दौरे के बाद भी उन्हें ढूंढने में असमर्थ होते हैं, या यदि 2002 के मूल डेटाबेस में दर्ज पता 2025 की मतदाता सूची में दर्ज पते से भिन्न होता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फॉर्म-8 के आवेदनों में यह वृद्धि मतदाता सूची की सटीकता और अद्यतनता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करती है। यह दर्शाता है कि नागरिक सक्रिय रूप से अपने विवरण को सही रखने के लिए प्रयासरत हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि: "मतदाता सूची का अद्यतन एक सतत प्रक्रिया है, और फॉर्म-8 के आवेदनों की अधिक संख्या दर्शाती है कि नागरिक अपनी मतदाता पहचान को सटीक बनाए रखने के महत्व को समझ रहे हैं, जो लोकतंत्र की नींव है।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मतदाता सूची में सुधार के लिए कौन से फॉर्म का उपयोग किया जाता है?
मतदाता सूची में प्रविष्टियों को ठीक करने, पते बदलने, EPIC बदलने या विकलांगता की स्थिति को अपडेट करने के लिए मुख्य रूप से फॉर्म-8 का उपयोग किया जाता है। - क्या फॉर्म ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं?
हाँ, अधिकांश फॉर्म ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। कर्नाटक में प्राप्त 11.4 लाख से अधिक फॉर्मों में से केवल 331 ही ऑफलाइन जमा किए गए थे।