इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी को लेकर संसद परिसर में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की और सदन से उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

  • इंडिया गठबंधन के सांसदों ने राम मंदिर चंदे में कथित चोरी को लेकर मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
  • भगवा पहने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दान पेटियों के साथ 'चंदा चोरी' का नाटक किया।
  • विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की और उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली में संसद परिसर के भीतर शुक्रवार को एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के खिलाफ मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इस अनोखे प्रदर्शन के दौरान, भगवा वस्त्र पहने निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दान पेटियों के साथ 'चंदा चोरी' का एक लाइव नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया, जिसने सबका ध्यान खींचा।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने न केवल चंदे की चोरी का मुद्दा उठाया, बल्कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की बर्बर कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। सांसदों ने 'अमित शाह इस्तीफा दो', 'अमित शाह सदन में आओ' और 'चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़' जैसे तीखे नारे लगाए।

अनोखा नाटक और विरोध का तरीका

संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने प्रतीकात्मक दान पेटियां रखीं। भगवा चोला पहने पप्पू यादव इन पेटियों के पास बैठ गए। इस नाटक के हिस्से के रूप में, राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने इन पेटियों में पैसे डाले, जिसके बाद पप्पू यादव ने उन पैसों को अपनी जेब में डाल लिया। यह दृश्य राम मंदिर के चंदे में कथित तौर पर हो रही वित्तीय अनियमितताओं को दर्शाने के लिए तैयार किया गया था। इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ झामुमो की महुआ माजी भी शामिल थीं।

मुद्दाविपक्ष का आरोपसरकार/ट्रस्ट का रुख
राम मंदिर चंदाचंदे में भारी वित्तीय अनियमितता और चोरी का आरोप।आरोपों को राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया।
सदन में उपस्थितिगृह मंत्री अमित शाह महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन से गायब हैं।सरकार का कहना है कि संसदीय प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन हो रहा है।
छात्र आंदोलन (NEET)NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर बल प्रयोग।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई को आवश्यक बताया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

बोझोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण से पता चलता है कि विपक्ष अब भाजपा को उसी के सबसे मजबूत गढ़—यानी हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे पर घेरने की रणनीति अपना रहा है। मंदिर के चंदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर विपक्ष सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल की नैतिक साख पर प्रहार करना चाहता है। इसके साथ ही, युवाओं और छात्रों से जुड़े NEET पेपर लीक मामले को जोड़कर विपक्ष ने एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है।

"विपक्ष का यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक नाटक नहीं है, बल्कि यह भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने और धार्मिक प्रतीकों पर उनके एकाधिकार को चुनौती देने की एक सोची-समझी राष्ट्रीय रणनीति है।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब राम मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी अयोध्या में मंदिर के आसपास की जमीनों की खरीद-फरोख्त में कथित घोटालों को लेकर विपक्षी दलों ने तीखे सवाल उठाए थे। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है और सभी लेन-देन को पारदर्शी बताया है। संसद में इस तरह का नाटकीय प्रदर्शन दिखाता है कि आगामी चुनावों से पहले विपक्ष इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने देना चाहता।

क्या आप जानते हैं?: नए संसद भवन का 'मकर द्वार' पौराणिक समुद्री जीव 'मकर' के नाम पर रखा गया है, जो जल के रक्षक और शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। यह सांसदों के प्रवेश के लिए प्रमुख द्वारों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. विपक्ष ने संसद में किस बात को लेकर प्रदर्शन किया?
विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी और NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

2. 'चंदा चोरी' के नाटक में किस सांसद ने मुख्य भूमिका निभाई?
निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भगवा कपड़े पहनकर और दान पेटियों से पैसे चुराने का नाटक करके इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।