पूर्व विधायक వల్లభనేని వంశీ मोहन ने पोलवराम नहर के किसानों की बिजली कटौती और सूखती फसलों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मुख्य बातें
- पोलवराम दाहिनी नहर के किसानों की बिजली काट दी गई है।
- हजारों किसान परिवारों की खरीफ फसलें खतरे में हैं।
- पूर्व विधायक వల్లభనేని ने मुख्यमंत्री से तत्काल बिजली बहाली की मांग की है।
- किसानों ने मुआवजे और स्थायी जल नीति की मांग की है।
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और कृषि संबंधी घटनाक्रम सामने आया है। गन्नवरम के पूर्व विधायक और YSRCP नेता వల్లభనేని వంశీ మోహన్ ने मुख्यमंत्री చంద్రబాబు నాయుడు को एक औपचारिक पत्र लिखकर पोलवराम दाहिनी मुख्य नहर के आसपास के किसानों की गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि नहर के पानी को खेतों तक पहुँचाने वाले कृषि पंप सेटों की बिजली अचानक काट दी गई है। इस कदम से సీతారామపురం, మర్రిబంధం, और రేమల్లె सहित दर्जनों गांवों के हजारों किसान परिवारों की आजीविका और उनकी खरीफ फसलें गंभीर संकट में पड़ गई हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल बिजली की कटौती का मामला नहीं है, बल्कि यह कृषि अर्थव्यवस्था और सरकारी नीति के बीच के टकराव को दर्शाता है। किसान पिछले 12 वर्षों से इस व्यवस्था का उपयोग कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने पंप सेट, पाइपलाइन और बीजों पर लाखों रुपये का निवेश किया है। बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटना उनके आर्थिक पतन का कारण बन सकता है।
बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती करना उन किसानों के साथ अन्याय है जिन्होंने सरकार के आश्वासन पर अपनी पूरी पूंजी लगा दी है।
वల్లభనేని ने तर्क दिया कि 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने ही नहर के पानी का उपयोग करने की अनुमति दी थी। वर्तमान में, जिला कलेक्टर के आदेशों का हवाला देते हुए बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिए हैं, जिसे उन्होंने किसानों के साथ विश्वासघात बताया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पोलवराम परियोजना आंध्र प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाती है। पिछले एक दशक से, पट्टीसीमा और पोलवराम नहरों के पानी का उपयोग पंपों के माध्यम से सिंचाई के लिए किया जाता रहा है, जो सिंचाई और राजस्व विभागों की निगरानी में होता आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: बिजली काटने का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
उत्तर: जिला कलेक्टर के आदेशानुसार सिंचाई और राजस्व विभागों की उपस्थिति में बिजली कनेक्शन हटाए गए हैं।
प्रश्न 2: पूर्व विधायक ने क्या समाधान सुझाया है?
उत्तर: उन्होंने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन और खरीफ/रबी मौसम के लिए एक स्थायी जल साझाकरण नीति बनाने का सुझाव दिया है।