2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने बूथ स्तर पर जन लामबंदी कार्यक्रम शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने दावा किया कि सत्ताधारी AAP का दौर खत्म होने वाला है।

मुख्य बातें

  • कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए बूथ स्तर पर अभियान शुरू किया।
  • भूपेश बघेल ने पंजाब में पांच तरफा मुकाबले की भविष्यवाणी की।
  • कांग्रेस ने AAP और BJP दोनों को संविधान के लिए खतरा बताया।
  • पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान पर भी चर्चा हुई।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को अपने बूथ स्तर के जन लामबंदी कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कर दी है। फतेहगढ़ साहिब में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने की।

अपने संबोधन में, बघेल ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका समय अब समाप्त हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लिए कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है। बघेल ने इस बार पंजाब में एक 'पांच तरफा मुकाबले' की संभावना जताई, जिसमें कांग्रेस के अलावा AAP, BJP, अकाली दल और 'वारिस पंजाब दे' जैसे दल शामिल हो सकते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कांग्रेस की यह आक्रामक रणनीति राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश है। बघेल ने केंद्र में BJP और राज्य में AAP को 'एक ही सिक्के के दो पहलू' बताया, जो संविधान के प्रति निष्ठा नहीं रखते। उन्होंने पंजाब में बढ़ती नशाखोरी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।

"पंजाब में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य एक जटिल पांच तरफा लड़ाई की ओर इशारा कर रहा है, जहाँ कांग्रेस खुद को एकमात्र विकल्प के रूप में पेश कर रही है।"

हालाँकि, इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर आंतरिक कलह की खबरों को हवा दे दी है। माना जा रहा है कि चन्नी पार्टी के हालिया पुनर्गठन से असंतुष्ट हैं। हालांकि, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह राजा वारींग ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव देखे गए हैं। अकाली दल के पतन के बाद AAP का उदय हुआ, जिसने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित किया है। अब कांग्रेस फिर से अपनी जड़ों (बूथ स्तर) पर लौटकर सत्ता वापसी की कोशिश कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: पंजाब की राजनीति में 'बूथ प्रबंधन' जीत और हार के बीच का सबसे महत्वपूर्ण अंतर माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कांग्रेस का यह अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 31 जुलाई 2026 को फतेहगढ़ साहिब से शुरू किया गया।

2. भूपेश बघेल ने किन दलों को निशाना बनाया?
उन्होंने केंद्र में BJP और पंजाब में AAP दोनों पर निशाना साधा।