जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना एसएसपी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बैंकपुर उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। उन्होंने प्रशासन के दुरुपयोग पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी घेरा।

मुख्य बातें

  • प्रशांत किशोर ने पटना एसएसपी पर स्थानीय JSP नेताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।
  • बैंकपुर उपचुनाव से ठीक पहले पुलिस द्वारा घरों की छापेमारी की गई।
  • किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का उपयोग सत्तारूढ़ दल के लाभ के लिए किया जा रहा है।
  • चुनाव आयोग ने मतगणना के दौरान एसएसपी की अनुपस्थिति का आश्वासन दिया है।

पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय कुमार शर्मा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोर ने दावा किया कि बैंकपुर उपचुनाव के दौरान पुलिस ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से स्थानीय कार्यकर्ताओं और निवासियों को निशाना बनाया है।

प्रशांत किशोर ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि पुलिस ने 'बाहरी लोगों' को पकड़ने के बहाने शहर के स्थानीय निवासियों के घरों पर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई 2026 की रात को पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से अधिकांश पटना के ही स्थानीय निवासी थे। उन्होंने उन नागरिकों के बयान भी पेश किए जिनके घरों में पुलिस ने आधी रात को दस्तक दी थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना बिहार की लोकतांत्रिक निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े करती है। यदि पुलिस का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, तो यह न केवल चुनाव आयोग की निगरानी को चुनौती देता है, बल्कि जनता के विश्वास को भी तोड़ता है।

"प्रशासन का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है, विशेषकर तब जब पुलिसिंग का उपयोग मतदाताओं को डराने के लिए किया जाए।"

किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने भी मतदाताओं को डराने और घरों में घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार के 20 साल के शासन में प्रशासन का इस तरह दुरुपयोग कभी नहीं देखा गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

बिहार में चुनावों के दौरान प्रशासनिक तटस्थता हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही है। जन सुराज पार्टी का उदय बिहार की पारंपरिक राजनीति को बदलने के उद्देश्य से हुआ है, और इस तरह के आरोप राज्य की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?: बिहार में उपचुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर अक्सर उच्च स्तरीय निगरानी रखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: प्रशांत किशोर ने किन पर आरोप लगाए हैं?
उत्तर: उन्होंने पटना के एसएसपी पर स्थानीय JSP कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से गिरफ्तार करने और चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

प्रश्न 2: चुनाव आयोग ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: आयोग ने आश्वासन दिया है कि मतगणना के दौरान एसएसपी वहां मौजूद नहीं रहेंगे।