YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि भोगापुरम हवाईअड्डा की 80% प्रगति 2019‑2024 की अपनी कार्यकाल में हासिल हुई, जबकि मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू ने इसे अपने हाथ में ले लिया है।

मुख्य बिंदु

  • भोगापुरम हवाईअड्डा की 80% निर्माण YSRCP के कार्यकाल में पूरा हुआ।
  • CM नायडू पर श्रेय चुराने और रायलसेमा स्टील प्लांट का भी आरोप।
  • किसानों की विरोध आवाज़ को दबाया गया, कहा गया कि जमीन अधिग्रहण पहले ही हो चुका था।

YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने बुधवार को YSRCP केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से कहा कि भोगापुरम हवाईअड्डा का अधिकांश कार्यकाल 2019‑2024 के दौरान पूरा हुआ, जबकि मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने ऊपर ले लिया है।

रेड्डी ने कहा, “केवल 20% कार्य TDP‑BJP‑JSP गठबंधन के सत्ता में आने के बाद पूरा हुआ, लेकिन नायडू इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नायडू ने रायलसेमा में स्टील प्लांट परियोजना का भी श्रेय खुद को दिया है।

भोगापुरम हवाईअड्डा के लिए 2019 के चुनाव पूर्व भूमि पूजन किया गया था, पर वास्तविक निर्माण कार्य YSRCP सरकार ने किया। रेड्डी ने बताया कि केंद्रीय मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और प्रमुख निर्माण 2023‑2024 के बीच पूरा हुआ, जिससे 2024 के चुनाव से पहले 80% कार्य समाप्त हो गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भोगापुरम हवाईअड्डा प्रोजेक्ट 2018 में प्रस्तावित हुआ, जिसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को सुदृढ़ करना था। प्रारंभिक चरण में केंद्र और राज्य की मंजूरी मिली, पर COVID‑19 महामारी ने 2020‑21 में प्रगति को धीमा कर दिया। 2019‑2024 के दौरान YSRCP ने पुनः गति दी, जिससे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार हो सका।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस प्रकार के राजनीतिक दावे सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित करते हैं और अगले चुनावी रणनीति को आकार देते हैं। यदि वास्तविक प्रगति को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया तो निवेशकों और स्थानीय समुदायों के बीच असंतोष बढ़ सकता है।

"हवाईअड्डा परियोजनाओं में वास्तविक निर्माण और राजनीतिक बयानबाजी के बीच का अंतर अक्सर मतदाता भावना को झकझोर देता है," कहा राजनीतिक विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
क्या आप जानते हैं?: भोगापुरम हवाईअड्डा के निर्माण के लिए लगभग 16,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, जो आंध्र प्रदेश में सबसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: भोगापुरम हवाईअड्डा कब संचालन में आएगा?
उत्तर: यदि निर्माण समय‑सीमा बनी रहती है, तो 2025 के अंत तक इसे आधिकारिक रूप से खोलने की योजना है।

प्रश्न 2: इस विवाद का भविष्य में चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी राज्य चुनावों में प्रमुख बहस बन सकता है, खासकर ग्रामीण वोटरों के बीच।