विरामगाम के बीजेपी विधायक हार्दिक पटेल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को 100 किमी की ब्रॉड गैज रेल लाइन की मंजूरी के लिए लिखित आवेदन किया। उन्होंने कृषि, उद्योग और शंखेश्वर जैन तीर्थस्थल के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस परियोजना को ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के तहत रखा है।

मुख्य बिंदु

  • हार्दिक पटेल ने रेल मंत्री को 100 किमी ब्रॉड गैज लाइन का प्रस्ताव भेजा
  • परियोजना कृषि, लघु उद्योग और धार्मिक पर्यटन को जोड़ने का लक्ष्य रखती है
  • प्रारंभिक इंजीनियरिंग‑सर्वेक्षण (PETS) के लिए त्वरित स्वीकृति की माँग

प्रस्ताव की रूपरेखा

विरामगाम (अहमदाबाद) से राधानपुर (पाटन) तक, मंडल और शंखेश्वर के माध्यम से, लगभग 100 किमी की ब्रॉड गैज रेल लाइन का प्रस्ताव हार्दिक पटेल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा। यह रूट उत्तर‑पश्चिम गुजरात में कृषि, नमक उत्पादन और छोटे उद्योगों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का इरादा रखता है।

आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव

पटेल ने कहा कि मंडल‑बिचराजी विशेष निवेश क्षेत्र (MBSIR) में ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग हब के विकास को तेज़ करने हेतु इस लाइन से लॉजिस्टिक लागत घटेगी, पोर्ट कांडला‑मुंद्रा तक पहुंच आसान होगी और नई नौकरियों का सृजन होगा। शंखेश्वर जैन तीर्थस्थल के लाखों यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गुज़रते दशकों से विरामगाम‑राधानपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी की कमी रही है। 1990 के दशक में प्रस्तावित कई योजनाएं सरकारी अनुमोदन नहीं पा सकीं, जिससे स्थानीय किसानों और व्यवसायियों को हाईवे पर निर्भर रहना पड़ा। इस अनसुलझे अंतर को पाटने के लिए बीते वर्षों में कई बार लोकल दबाव बना रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that bridging this connectivity gap could raise Gujarat’s rural GDP by up to 3% within five years, while also aligning with Prime Minister Narendra Modi’s ‘Viksit Bharat 2047’ vision of inclusive growth.

Railway economist Dr. Rajesh Kumar says, “A direct line could cut logistics costs for regional manufacturers by up to 20 % and boost export competitiveness.”
Did You Know?: शंखेश्वर जैन तीर्थस्थल पर हर साल 5 लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं, लेकिन वर्तमान में वहाँ कोई निकटतम रेलवे स्टेशन नहीं है।

Frequently Asked Questions

Q1: वर्तमान में विरामगाम‑राधानपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी कैसी है?
A: इस रूट पर केवल गाड़ी‑गाड़ी के छोटे डेमो ट्रैक हैं, कोई नियमित पेसेंजर या माल सेवा नहीं है।

Q2: प्रारंभिक इंजीनियरिंग‑सर्वेक्षण (PETS) कब तक पूरा हो सकता है?
A: अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अगले वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में PETS शुरू होने की उम्मीद है।