केरल को‑ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (मिल्मा) ने साबरिमाला मंदिर को घी आपूर्ति में कोई त्रुटि नहीं होने का इरादा स्पष्ट किया। चेयरमैन केएस मणि ने कड़े गुणवत्ता जांच, पूर्ण भुगतान और जांच के स्वागत की बात कही।

Key Takeaways

  • मिल्मा ने साबरिमाला को प्रीमियम‑क्वालिटी घी भेजा
  • त्रावँकोर देवस्वामि बोर्ड ने कोई गुणवत्ता शिकायत नहीं की
  • भुगतान पूर्ण और जांच का स्वागत किया गया

घी आपूर्ति पर मिल्मा का आधिकारिक बयान

केरल को‑ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मिल्मा) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसके थिरुवनंतपुरम रीजनल को‑ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (TRCMPU) द्वारा साबरिमाला मंदिर को भेजा गया घी सभी मानकों पर खरा उतरा। मिल्मा चेयरमैन केएस मणि ने कहा, “गenuine, प्रीमियम‑क्वालिटी घी 15 किग्रा सील किए हुए टिन में भेजा गया, जिससे ट्रांसिट में कोई बदलाव या छेड़छाड़ असंभव है।”

भुगतान और शिकायतों की स्थिति

त्रावँकोर देवास्वामि बोर्ड (TDB) ने आपूर्ति के लिए पूरी राशि का भुगतान किया और घी की गुणवत्ता पर कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की। मिल्मा ने कहा कि भुगतान मिल गया है और अब घी का हैंडलिंग और उपयोग मिल्मा के नियंत्रण से बाहर है।

जांच का स्वागत और संभावित दंड

केएस मणि ने आरोपों की जांच का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यदि डिलीवरी के बाद घी को कम गुणवत्ता वाले उत्पाद से बदल दिया गया तो यह एक गंभीर अपराध होगा। “यदि ऐसी स्थिति साबित हुई तो यह क़ानून के तहत सख़्त दंडनीय है,” उन्होंने कहा।

Historical Background

साबरिमाला मंदिर में पुजारी अनुष्ठानों के दौरान घी का प्रयोग पारम्परिक रूप से किया जाता है। इस पवित्र स्थल को दिया गया घी अक्सर भक्तों के दान और सरकारी आपूर्ति दोनों से आता है, जिससे गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that any compromise in the supply chain of sacred items like ghee can erode public trust in both religious institutions and state‑run cooperatives, potentially affecting future donations and cooperative revenues.

“सभी धार्मिक संस्थानों को आपूर्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि विश्वास बना रहे,” कहते हैं धर्मशास्त्र विशेषज्ञ प्रो. अजय शर्मा।
Did You Know?: साबरिमाला में वार्षिक रूप से लगभग 150 टन घी का उपयोग किया जाता है, जिसमें से अधिकांश दान के रूप में प्राप्त होते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मिल्मा ने इस विवाद में कोई आधिकारिक जवाब दिया है?
उत्तर: हाँ, मिल्मा ने स्पष्ट किया कि सभी सप्लाई को कड़े मानकों के तहत भेजा गया और कोई गुणवत्ता शिकायत नहीं मिली।

प्रश्न 2: TDB ने मिल्मा के घी के उपयोग को बंद करने का कोई इरादा जताया है?
उत्तर: नहीं, TDB ने कहा कि भक्तों द्वारा दान किया गया घी पर्याप्त है, लेकिन उन्होंने मिल्मा के घी को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा नहीं की है।