अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पंजाब, कर्नाटक और झारखंड जैसे विपक्षी शासित राज्यों में भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
मुख्य बातें
- ABVP ने पंजाब, कर्नाटक और झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलनों का समर्थन किया।
- पंजाब में फार्मेसी अधिकारी और PSSSB परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।
- कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
- झारखंड में JPSC परीक्षाओं के परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सोमवार को झारखंड, बिहार, कर्नाटक और पंजाब में आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलनों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। छात्र संगठन का तर्क है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रह गई है।
पंजाब: धोखाधड़ी और पेपर लीक का सिलसिला
पंजाब में परीक्षाओं का इतिहास हाल के वर्षों में विवादों से भरा रहा है। जुलाई 2026 में आयोजित फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में एक अंतर-राज्यीय धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश हुआ, जिसमें पेन कैमरा और ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया। इसके अलावा, PSSSB ग्रुप बी अधिकारियों की परीक्षा में भी भारी अनियमितता देखी गई, जहां एक ही जिले के उम्मीदवारों के दबदबे ने जांच के घेरे में सबको ला खड़ा किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है, तो इसका सीधा असर देश की कार्यक्षमता और युवाओं के मनोबल पर पड़ता है। यदि परीक्षाएं पारदर्शी नहीं होंगी, तो योग्य उम्मीदवार हाशिए पर चले जाएंगे और भ्रष्टाचार का तंत्र मजबूत होगा।
परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है।
पंजाब में केवल यही नहीं, बल्कि PSTET (2023) और PSEB कक्षा 12 की परीक्षाओं में भी पेपर लीक और लापरवाही के कारण बार-बार परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं, जिससे हजारों छात्रों का समय और पैसा बर्बाद हुआ है।
कर्नाटक और झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोप
कर्नाटक में, KPSC द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की सूची जारी करने के बाद यह आरोप लगे कि प्रत्येक पद को 80 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच बेचा गया था। इस मामले में अब FIR दर्ज की जा चुकी है। वहीं, झारखंड में JPSC सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बाद सोशल मीडिया पर उत्तर पुस्तिकाओं के लीक होने के प्रमाण मिलने से भारी हंगामा हुआ है, जिसके कारण कई परीक्षाओं को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
| राज्य | मुख्य विवादित परीक्षा | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| पंजाब | फार्मेसी, PSSSB, PSTET | जांच जारी / कुछ परीक्षाएं रद्द |
| कर्नाटक | KPSC पशु चिकित्सा अधिकारी | FIR दर्ज / जांच के अधीन |
| झारखंड | JPSC सिविल सेवा | परीक्षाएं स्थगित |
Frequently Asked Questions
1. ABVP किन राज्यों के मुद्दों को उठा रहा है?
ABVP मुख्य रूप से पंजाब, कर्नाटक और झारखंड में परीक्षाओं में हो रही धांधलियों पर सवाल उठा रहा है।
2. कर्नाटक में KPSC मामला क्या है?
कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में भारी रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच चल रही है।