कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया रील्स की नहीं, बल्कि वास्तविक रोजगार की आवश्यकता है। पार्टी ने बड़ी कंपनियों में भर्ती में 27% की गिरावट का हवाला देते हुए देश में गंभीर बेरोजगारी संकट का आरोप लगाया है।
मुख्य बिंदु
- कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियों ने देश को गहरे रोजगार संकट में धकेल दिया है।
- सेंसेक्स की 11 प्रमुख कंपनियों में नई नियुक्तियों में 27% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- जयराम रमेश ने कहा कि सरकार समाधान खोजने के बजाय 'हेडलाइन मैनेजमेंट' और ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
- कांग्रेस के अनुसार, एमएसएमई (MSME) क्षेत्र भी सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहा है।
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक और रोजगार नीतियों ने भारतीय जॉब मार्केट को एक "गहरे संकट" में डाल दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि देश के युवाओं को सोशल मीडिया पर रील्स देखने की नहीं, बल्कि सम्मानजनक रोजगार की जरूरत है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में नई नियुक्तियों की गति काफी धीमी हो गई है। आंकड़ों से पता चलता है कि सेंसेक्स-30 सूचकांक की 11 प्रमुख कंपनियों द्वारा की गई कुल नई नियुक्तियां, 2023-24 की तुलना में 2025-26 में 27 प्रतिशत तक गिर गई हैं। जयराम रमेश ने इस डेटा को देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का प्रमाण बताया।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जब देश की सबसे बड़ी और स्थिर मानी जाने वाली कंपनियां भर्ती कम कर रही हैं, तो इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था के निचले स्तर पर पड़ता है। यदि बड़ी कंपनियां निवेश और विस्तार के बजाय सिकुड़ रही हैं, तो यह भविष्य के आर्थिक विकास के लिए एक चेतावनी संकेत है।
"सरकार समाधान खोजने के बजाय केवल ध्यान भटकाने वाली राजनीति और हेडलाइन मैनेजमेंट में व्यस्त है।" - जयराम रमेश
कांग्रेस ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए 'पॉलिटिक्स ऑफ डिस्ट्रैक्शन' का सहारा ले रही है। रमेश ने प्रधानमंत्री के हालिया इंस्टाग्राम वीडियो का जिक्र करते हुए तंज कसा कि केवल वीडियो बनाकर युवाओं को संतुष्ट नहीं किया जा सकता; उन्हें काम चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में बेरोजगारी एक लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ने के बावजूद, संगठित क्षेत्र में नई नौकरियों के सृजन की दर में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसने विपक्षी दलों को सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने का मौका दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. कांग्रेस का मुख्य आरोप क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण बड़ी कंपनियों में भर्तियां 27% तक गिर गई हैं, जिससे रोजगार संकट पैदा हो गया है।
2. जयराम रमेश ने 'रील्स' का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया प्रचार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को डिजिटल कंटेंट के बजाय वास्तविक नौकरियों की आवश्यकता है।