कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कैबिनेट विस्तार के बाद नाराज कांग्रेस विधायकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर है और इस्तीफे देने वालों को तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा।
मुख्य बातें
- कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस विधायकों में भारी असंतोष।
- डीके शिवकुमार ने कहा कि इस्तीफा देने वालों को मिनटों में स्वीकार कर लिया जाएगा।
- पार्टी को व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखने की सलाह।
- राज्य बोर्डों और निगमों में जल्द रिक्तियां भरने का आश्वासन।
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत करने के लिए एक बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने उन नाराज विधायकों को सीधी चेतावनी दी है जो इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं, यह कहते हुए कि उनके जाने के फैसले को 'मिनटों के भीतर' स्वीकार कर लिया जाएगा।
शिवकुमार का यह तीखा बयान उन कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के एक दिन बाद आया है, जिन्हें विस्तारित मंत्रालय में जगह नहीं मिली थी। यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल और बेलूर गोपालकृष्ण ने विधानसभा से अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विधायकों से धैर्य रखने की अपील की और जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर यह आंतरिक संघर्ष सत्ता के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। कैबिनेट विस्तार के बाद 34 सदस्यों की सीमा तक पहुंच जाने से नए चेहरों और पुराने दिग्गजों के बीच खींचतान बढ़ गई है। शिवकुमार का यह सख्त रुख पार्टी अनुशासन बनाए रखने की उनकी कोशिश को दर्शाता है।
"अगर कोई इस्तीफा देता है, तो मैं कुछ ही मिनटों में उसे स्वीकार कर लूंगा। राजनीति में इस्तीफे होते रहते हैं, लेकिन पार्टी का अस्तित्व सर्वोपरि है।" - डीके शिवकुमार
शिवकुमार ने अपने स्वयं के राजनीतिक करियर का उदाहरण देते हुए धैर्य का पाठ पढ़ाया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे वे धर्म सिंह और सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मंत्री नहीं बन पाए थे, फिर भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और धर्म सिंह जैसे दिग्गजों का उदाहरण भी दिया, जो कभी मंत्री नहीं थे लेकिन बाद में मुख्यमंत्री बने।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कर्नाटक की राजनीति में कैबिनेट विस्तार हमेशा से शक्ति संघर्ष का केंद्र रहा है। 2023 के चुनावों के बाद से कांग्रेस सरकार ने विभिन्न गुटों को संतुलित करने की कोशिश की है, लेकिन मंत्री पद की दौड़ ने हमेशा आंतरिक कलह को जन्म दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: डीके शिवकुमार ने विधायकों को क्या चेतावनी दी?
उत्तर: उन्होंने कहा कि यदि कोई विधायक इस्तीफा देता है, तो वे उसे तुरंत स्वीकार कर लेंगे।
प्रश्न 2: कैबिनेट विस्तार के बाद क्या विवाद हुआ?
उत्तर: कई विधायकों को मंत्री नहीं बनाया गया, जिसके कारण यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल और बेलूर गोपालकृष्ण ने इस्तीफा दे दिया।