केरल सरकार द्वारा कोझिकोड नगर निगम के प्लान फंड में ₹132 करोड़ से घटाकर मात्र ₹23 करोड़ करने के फैसले ने निगम परिषद में भारी हंगामा खड़ा कर दिया है। इस कटौती से शहर के विकास कार्यों और वार्ड-स्तरीय परियोजनाओं पर संकट मंडरा रहा है।
मुख्य बिंदु
- कोझिकोड नगर निगम का प्लान फंड ₹132 करोड़ से घटकर ₹23 करोड़ रह गया है।
- विकास कार्यों के लिए केवल ₹9 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- LDF, UDF और BJP के बीच बजट कटौती को लेकर तीखी बहस हुई।
- नगर निगम अब स्वयं के राजस्व में वृद्धि करने पर विचार कर रहा है।
कोझिकोड: केरल सरकार द्वारा कोझिकोड नगर निगम के 'प्लान फंड' में की गई भारी कटौती ने मंगलवार को निगम परिषद की बैठक को एक राजनीतिक युद्धक्षेत्र में बदल दिया। विकास स्थायी समिति के अध्यक्ष वी.पी. मनोज ने खुलासा किया कि सरकार ने निगम के फंड को ₹132 करोड़ से घटाकर सीधे ₹23 करोड़ कर दिया है।
इस वित्तीय संकट के कारण शहर के विकास कार्यों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। श्री मनोज के अनुसार, विकास क्षेत्र के लिए केवल ₹9 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे वार्ड-स्तरीय विकास कार्यों के लिए धन आवंटित करना लगभग असंभव हो गया है। निगम के बजट में प्रत्येक वार्ड के लिए ₹30-35 लाख का प्रस्ताव था, जो अब लागू करना नामुमकिन लग रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक बजटीय कटौती नहीं है, बल्कि स्थानीय शासन की स्वायत्तता और शहरी बुनियादी ढांचे के भविष्य पर एक बड़ा प्रहार है। यदि फंड की कमी इसी तरह बनी रहती है, तो सड़कों, जल निकासी और स्वच्छता जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।
फंड में यह अचानक आई गिरावट स्थानीय निकायों की विकास क्षमता को पंगु बना सकती है।
परिषद की बैठक में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। विपक्ष के नेता एस.वी. मोहम्मद शमील थंगल (UDF) ने आरोप लगाया कि पिछली LDF सरकार ने अवास्तविक वित्तीय अनुमानों के आधार पर बजट तैयार किया था, जिसके कारण वर्तमान सरकार को खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं, कांग्रेस पार्षदों ने निगम प्रशासन पर पिछले 10 वर्षों में पर्याप्त धन सुरक्षित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
भाजपा पार्षदों ने दोनों गुटों की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि आपसी बहस से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। अंततः, मेयर ओ. सदाशिवन और उप-मेयर एस. जयश्री ने स्वीकार किया कि यह एक गंभीर संकट है और निगम अब अपने स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कोझिकोड के बजट में कितनी कटौती हुई है?
उत्तर: कोझिकोड नगर निगम के प्लान फंड में ₹109 करोड़ की भारी कटौती की गई है।
प्रश्न 2: इस कटौती का नागरिकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: इससे वार्ड-स्तरीय विकास कार्य, जैसे सड़क मरम्मत और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं रुक सकती हैं।