दिल्ली सरकार आगामी मानसून सत्र में 2007 के बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून को निरस्त करने वाला विधेयक पेश करने जा रही है। इसके साथ ही सरकार सेवा वितरण और शहरी आश्रय सुधार से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के पटल पर रखेगी।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली सरकार 2007 के बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) अधिनियम को निरस्त करने के लिए बिल पेश करेगी।
  • मानसून सत्र के दौरान तीन नए विधेयक और दो CAG रिपोर्ट सदन में रखी जाएंगी।
  • नई 'दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति 2026' में सेल्फ-सर्टिफिकेशन और त्वरित अनुमोदन पर जोर दिया गया है।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए नए सुधारों पर काम चल रहा है।

दिल्ली विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में बड़े विधायी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की है कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने 2007 के 'नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (इन्क्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट' को रद्द करने के लिए एक विधेयक पेश करने का निर्णय लिया है।

यह निर्णय मालवीय नगर में एक B&B सुविधा में लगी भीषण आग, जिसमें कई विदेशियों सहित 23 लोगों की जान चली गई थी, उसके दो महीने बाद लिया गया है। सरकार का उद्देश्य पुराने और अप्रचलित कानूनों को हटाकर एक आधुनिक और सुरक्षित ढांचा तैयार करना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश को भी आकर्षित करेगा। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि नई 'दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति, 2026' का मसौदा सार्वजनिक किया जा चुका है। इसमें अनुमोदन की प्रक्रिया को 30 दिनों से घटाकर मात्र 7 कार्य दिवस कर दिया जाएगा, जिससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पुरानी नियामक बाधाओं को हटाना और स्व-प्रमाणन प्रणाली लागू करना दिल्ली के पर्यटन और व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

इसके अतिरिक्त, सरकार 'दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' पर भी काम कर रही है। इसका लक्ष्य दिल्ली को देश का सबसे आसान व्यापारिक केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य एक ऐसी प्रशासनिक प्रणाली बनाना है जहां निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि वे अपने व्यवसाय विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2007 का मौजूदा कानून दशकों पुराना है और वर्तमान शहरी जरूरतों और सुरक्षा मानकों के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहा है। मालवीय नगर की दुखद घटना ने इस कानून की कमियों को उजागर कर दिया, जिसके बाद से व्यापक सुधारों की मांग की जा रही थी।

Did You Know?: दिल्ली सरकार नए नियमों के तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए तीन साल तक नियमित निरीक्षण से छूट देने का प्रस्ताव कर रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नया B&B कानून कब लागू होगा?
उत्तर: नए नीतिगत ढांचे को कैबिनेट द्वारा एक महीने के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

प्रश्न 2: मानसून सत्र में और क्या पेश किया जाएगा?
उत्तर: सत्र में दो CAG रिपोर्ट और दिल्ली विद्युत नियामक आयोग से संबंधित एक अधिसूचना भी पेश की जाएगी।