बीजेडी के वरिष्ठ महासचिव लेखश्री समंतसिंगहर ने ओडिशा में प्रस्तावित 3,000 मेगावाट निजी परमाणु ऊर्जा परियोजना को जनता की सुरक्षा के खतरे के रूप में उजागर किया। उन्होंने राज्य सरकार पर निजी कंपनियों के हित में सार्वजनिक सुरक्षा को अनदेखा करने का आरोप लगाया।
मुख्य बिंदु
- ओडिशा में 3,000 MW का निजी परमाणु प्लांट प्रस्तावित है।
- बीजेडी ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के गंभीर खतरे के रूप में खारिज किया।
- राज्य सरकार ने निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं।
बीजेडी के वरिष्ठ महासचिव लेखश्री समंतसिंगहर ने 5 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओडिशा में निजी कंपनी द्वारा प्रस्तावित 3,000 मेगावाट का परमाणु विद्युत् केंद्र जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर निजी हितों के लिए सार्वजनिक सुरक्षा को त्यागने का आरोप लगाया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
परमाणु ऊर्जा से जुड़ी भयावह घटनाएँ—1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी, 1986 में चेरनोबिल विस्फोट, तथा 2011 में फ़ुकुशिमा आपदा—अभी भी लोगों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ती हैं। इन आपदाओं के कारण हुए नुकसान और मानवीय पीड़ा आज तक पूरी तरह से मुआवजा नहीं की गई है। इन घटनाओं ने विश्व स्तर पर परमाणु सुरक्षा के कठोर नियमों को जन्म दिया है।
दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार ने संसद में एक विधेयक पारित किया, जिससे निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मिली। इस कानून के बाद कई निजी संस्थाओं ने ओडिशा में निवेश करने की इच्छा जताई, जिससे बीजेडी ने इस कदम को गंभीर रूप से चुनौती दी।
भारत वर्तमान में 8.8 GW की सरकारी स्वामित्व वाली परमाणु क्षमता रखता है, जबकि बीजेडी का तर्क है कि इसे निजी हाथों में सौंपना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अस्थिरता पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, "परमाणु ऊर्जा हमेशा सरकार के नियंत्रण में रहनी चाहिए, निजी कंपनियों को नहीं"।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the controversy could set a precedent for how private entities engage with strategic sectors in India, potentially influencing future policy decisions on energy security and environmental safety.
"निजी कंपनियों द्वारा परमाणु ऊर्जा का प्रबंधन अगर उचित नियामक नियंत्रण के बिना किया गया तो यह अभूतपूर्व जोखिम पैदा कर सकता है," कहा एक राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: प्रस्तावित परमाणु प्लांट की क्षमता कितनी है?
उत्तर: 3,000 मेगावाट।
प्रश्न 2: बीजेडी ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: बीजेडी ने सरकारी योजना को रोकने और जनता की सुरक्षा के लिए जन आह्वान करने की घोषणा की है।