दिल्ली विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। बम की धमकियों और पिछले सुरक्षा उल्लंघन की घटनाओं के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
मुख्य बातें
- मानसून सत्र के दौरान 130 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहेंगे।
- विधानसभा परिसर में हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर और व्यू कटर्स लगाए गए हैं।
- सुरक्षा जांच के लिए केवल गेट नंबर 1 से ही प्रवेश की अनुमति होगी।
- CRPF की एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैनात किया गया है।
दिल्ली विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स संबंधी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की है।
सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा परिसर में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और परिचालन तैयारियों का परीक्षण करना था। यह कदम विधानसभा को हाल ही में मिली बम की धमकियों और अप्रैल में हुई सुरक्षा चूक के बाद उठाया गया है, जब एक व्यक्ति वाहन लेकर परिसर के भीतर घुस गया था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, विधायी संस्थानों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक राजनीतिक अस्थिरता और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती है। हालिया सुरक्षा उल्लंघन की घटनाओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की खामियों को उजागर किया है, जिसके कारण अब बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को केवल भौतिक बाधाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसके लिए निरंतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता होती है।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि चार दिवसीय सत्र के दौरान लगभग 130 पुलिस और अर्धसैनिक कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए परिसर की परिधि पर 'व्यू कटर्स' लगाए गए हैं और एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारी की तैनाती की गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली विधानसभा को हाल के महीनों में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अप्रैल 2026 में हुई सुरक्षा चूक, जिसमें एक अनधिकृत वाहन परिसर में घुस गया था, ने पुलिस प्रशासन को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद से ही सुरक्षा प्रोटोकॉल को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सत्र के दौरान कितने सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे?
उत्तर: सत्र के दौरान लगभग 130 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहेंगे।
प्रश्न 2: सुरक्षा के लिए कौन से नए उपकरण लगाए गए हैं?
उत्तर: प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर और परिसर के चारों ओर व्यू कटर्स लगाए गए हैं।