कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली नई टास्क फोर्स को प्रधानमंत्री की छवि बचाने का प्रयास बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले सुधारों को लागू करने में कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।
मुख्य बातें
- कांग्रेस ने नीलेकणी टास्क फोर्स को केवल 'डैमेज कंट्रोल' बताया।
- जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया।
- परीक्षा लीक विवाद के बीच नई टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित नंदन नीलेकणी की टास्क फोर्स केवल एक 'डैमेज कंट्रोल एक्सरसाइज' है, क्योंकि पेपर लीक विवाद के कारण प्रधानमंत्री की छवि को उनके अपने इकोसिस्टम के भीतर भी काफी नुकसान पहुँचा है।
राधाकृष्णन समिति की अनदेखी का आरोप
जयराम रमेश ने याद दिलाया कि 2024 में NEET-UG पेपर लीक के बाद, सरकार ने सुधारों के लिए के. राधाकृष्णन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। हालांकि, रमेश का दावा है कि मोदी सरकार ने राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों में से 27 को अब तक लागू भी नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 और 2026 के बीच दो वर्षों तक NTA में एक पूर्णकालिक महानिदेशक (Director General) तक की नियुक्ति नहीं की गई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह देश की शैक्षणिक साख पर भी सवाल उठाती है। बार-बार होने वाले पेपर लीक और समितियों के गठन के बावजूद ठोस कार्रवाई की कमी एक गहरे प्रशासनिक संकट की ओर इशारा करती है।
"सरकार ने राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट को लागू करने में कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति या ईमानदारी नहीं दिखाई है।" - जयराम रमेश
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के दिग्गज और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। कांग्रेस का तर्क है कि यह केवल संकट प्रबंधन का एक हिस्सा है, न कि वास्तविक सुधार की दिशा में कदम।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में पिछले कुछ वर्षों में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है। इससे निपटने के लिए सरकार ने समय-समय पर विभिन्न समितियों का गठन किया है, लेकिन कार्यान्वयन की धीमी गति राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. नंदन नीलेकणी की टास्क फोर्स का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करना है।
2. कांग्रेस का मुख्य आरोप क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पुरानी समितियों की सिफारिशों को लागू करने के बजाय केवल नई समितियां बनाकर छवि बचाने की कोशिश कर रही है।