झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जबकि सरकार के साथ बातचीत का दौर जारी है।

मुख्य बातें

  • JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र प्रदर्शन जारी।
  • छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सात दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
  • सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता का दूसरा दौर भी बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हुआ।
  • छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च करने की चेतावनी दी है।

राँची, झारखंड: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। हेमंत सोरेन सरकार और JPSC-JSSC सुधार मंच के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

शुक्रवार रात को सरकार के चार मंत्रियों और एक वरिष्ठ नौकरशाह के पैनल के साथ प्रदर्शनकारियों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की पहली बैठक हुई थी। शनिवार को बातचीत का दूसरा दौर भी हुआ, लेकिन छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। महतो पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जिससे आंदोलन की गंभीरता और बढ़ गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है। यदि इन अनियमितताओं की जांच नहीं की गई, तो इससे सरकारी संस्थानों में जनता का भरोसा कम हो सकता है।

छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाए और भर्ती एजेंसियों में व्यापक सुधार किया जाए।

प्रदर्शनकारी छात्र रुपेश कुमार पाल ने अपनी बिगड़ती सेहत के बारे में चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि भूख हड़ताल के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। छात्रों की मुख्य मांगें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करना और TDPL जैसी एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा करना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। छात्र लगातार पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, जिससे राज्य में अक्सर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिलते हैं।

क्या आप जानते हैं?: झारखंड में छात्र आंदोलन अक्सर राज्य की पहचान और युवाओं के रोजगार के अधिकारों के लिए ऐतिहासिक संघर्षों का हिस्सा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. छात्र मुख्य रूप से क्या मांग कर रहे हैं?
छात्र 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

2. आंदोलन का अगला कदम क्या है?
यदि सरकार रविवार तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो छात्र 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं।