भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा ने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026' को बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया। इस दौरान किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

  • लोकसभा ने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026' को ध्वनि मत से पारित किया।
  • विपक्ष के भारी हंगामे के कारण विधेयक पर कोई चर्चा नहीं हो सकी।
  • नया कानून डिजिटल और वर्चुअल रिकॉर्ड को अदालती साक्ष्य के रूप में मान्यता देगा।
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और अन्य दलों पर भगवान राम के विरुद्ध होने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली में बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान भारी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली। विपक्ष के निरंतर नारेबाजी और हंगामे के बीच, लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 को बिना किसी बहस के पारित कर दिया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से ठीक पहले इसे ध्वनि मत से पास किया गया।

विधेयक का महत्व और बदलाव

यह नया कानून 1891 के पुराने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट' को प्रतिस्थापित करेगा। इस कानून का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब डिजिटल और वर्चुअल रिकॉर्ड को भी अदालतों में कानूनी साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकेगा। यह कदम आधुनिक बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए उठाया गया है।

राजनीतिक टकराव और आरोप

सदन में जारी हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कांग्रेस, सीपीआई और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल भगवान राम के विरुद्ध हैं और उन्हें राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने पार्टी सांसदों को नियंत्रित करने में विफल रहे हैं।

लोकतंत्र पर सवाल

स्पीकर ओम बिरला ने सदन की स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू होने के बाद से विपक्षी सदस्य 'प्रश्नकाल' को सुचारू रूप से चलने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सदन के भीतर और बाहर नारेबाजी करना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, बिना चर्चा के कानून पारित होना विधायी प्रक्रिया की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों को कानूनी मान्यता देना तकनीकी और कानूनी ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।

सदन में बढ़ते व्यवधान विधायी जवाबदेही और लोकतांत्रिक संवाद के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं।
क्या आप जानते हैं?: 1891 का पुराना कानून केवल भौतिक कागजी रिकॉर्ड को ही साक्ष्य के रूप में मान्य मानता था, जिसे अब बदलकर डिजिटल युग के अनुकूल बनाया गया है।

Frequently Asked Questions

1. बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 क्या है?
यह कानून डिजिटल और वर्चुअल बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालत में सबूत के तौर पर पेश करने की अनुमति देता है।

2. सदन में हंगामा क्यों हो रहा था?
विपक्ष मुख्य रूप से NEET पेपर लीक मामले में पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मुद्दों पर विरोध कर रहा था।