जेडीएस और भाजपा ने बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ पदयात्रा शुरू की है, जबकि एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के पुराने रुख पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आश्वासन दिया है कि भूमि अधिग्रहण पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा।

मुख्य बातें

  • जेडीएस और भाजपा ने बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ पदयात्रा शुरू की।
  • एचडी कुमारस्वामी ने 2006 की कांग्रेस रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार को घेरा।
  • मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि भूमि अधिग्रहण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।
  • विपक्ष ने परियोजना को रद्द करने की मांग की है।

बेंगलुरु के पास बिदादी में प्रस्तावित 'ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप' (GBIT) परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। रविवार को, जनता दल (सेकुलर) ने अपने गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन से इस परियोजना के खिलाफ एक विशाल पदयात्रा शुरू की। यह परियोजना लगभग 7,481 एकड़ भूमि में नौ गांवों में विस्तृत होने वाली है।

पदयात्रा के शुभारंभ के दौरान, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस के 2006 के एक तथ्य-खोज समिति की रिपोर्ट का जिक्र किया। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि उस समय की कांग्रेस सरकार, जिसमें वर्तमान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल थे, ने इस परियोजना का विरोध किया था। कुमारस्वामी ने दावा किया कि भूमि के कुछ दलाल कम दाम पर जमीन खरीदकर अब सरकार को ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक विश्वसनीयता का मुद्दा बन गया है। एक तरफ विपक्ष इसे किसानों के हितों के खिलाफ बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार इसे एक 'एआई सिटी' (AI City) के रूप में विकसित करने का दावा कर रही है।

विपक्ष का आरोप है कि यह परियोजना पारदर्शिता की कमी और भू-माफियाओं के लाभ के लिए बनाई जा रही है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को जमीन देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजे को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर लगभग 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दिया है। सरकार इस परियोजना को विश्व स्तरीय सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी और आधुनिक खेल सुविधाओं वाले एक अत्याधुनिक 'एआई सिटी' के रूप में देख रही है।

क्या आप जानते हैं?: प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का उद्देश्य बेंगलुरु के शहरी विस्तार को व्यवस्थित करना और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है?
यह एक प्रस्तावित एकीकृत टाउनशिप परियोजना है जो बेंगलुरु के पास 7,481 एकड़ में फैली होगी।

2. विपक्ष का मुख्य विरोध क्या है?
विपक्ष का कहना है कि यह परियोजना किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाएगी और इसमें भ्रष्टाचार की संभावना है।