NMOPS-तमिलनाडु ने राज्य सरकार से TAPS को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग की है। संगठन ने 50,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया पेंशन का मुद्दा भी उठाया है।
मुख्य बिंदु
- NMOPS ने TAPS को खत्म कर OPS लागू करने की मांग की।
- 50,000 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है।
- CPS के तहत लगभग ₹1 लाख करोड़ का फंड LIC में जमा है।
- संगठन ने चुनावी वादों को पूरा करने का आग्रह किया है।
तिरुचिरापल्ली: नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS)-तमिलनाडु ने राज्य सरकार पर दबाव बनाते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की तत्काल बहाली की मांग की है। संगठन का कहना है कि सरकार को 'तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम' (TAPS) को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए और सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करनी चाहिए, जैसा कि चुनावी वादों में कहा गया था।
संगठन के सदस्यों ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि TAPS का परिचय 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि लगभग 50,000 सरकारी कर्मचारी, जो 1 जनवरी, 2026 से पहले CPS के तहत सेवानिवृत्त हुए थे, उन्हें अभी तक मासिक पेंशन प्राप्त नहीं हुई है।
बजट और फंड का गणित
NMOPS ने खुलासा किया कि लगभग 6.5 लाख कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों के योगदान से सरकार के हिस्से सहित करीब ₹1 लाख करोड़ का फंड जमा हो गया है, जिसे LIC के माध्यम से निवेश किया गया है। संगठन ने 2026-27 के अंतरिम बजट में TAPS के लिए आवंटित अतिरिक्त ₹11,000 करोड़ पर भी सवाल उठाए हैं।
पेंशन सुधारों की मांग केवल वित्तीय नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारियों के भरोसे से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक चुनौती है।
BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु में पेंशन का मुद्दा आगामी राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। यदि सरकार CPS के तहत सालाना योगदान किए जाने वाले ₹7,500 करोड़ का उपयोग OPS को वित्तपोषित करने के लिए करती है, तो यह कर्मचारियों के बीच एक बड़ा सकारात्मक संदेश दे सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. NMOPS क्या है?
यह एक संगठन है जो सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है।
2. TAPS क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है जिसे कर्मचारी पुरानी पेंशन के विकल्प के रूप में देख रहे हैं।