संसद भवन से महज 500 मीटर की दूरी पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग की है।

मुख्य बिंदु

  • संसद के पास छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया।
  • राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
  • प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की जा रही FIR और हिरासत को लोकतंत्र पर हमला बताया गया है।
  • बिहार में छात्रों पर AK-47 जैसे हथियारों के इस्तेमाल का आरोप।

20 जुलाई, 2026 को भारत के युवाओं ने एक निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली और पेपर लीक के खिलाफ जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने का फैसला किया। जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़ते हुए, ये छात्र अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हुए। लेकिन, शांतिपूर्ण विरोध का यह सिलसिला हिंसक दमन के साथ समाप्त हुआ।

संसद भवन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर, दिल्ली पुलिस और आरएएफ (RAF) ने प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठियों से पीटा गया और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। 19 वर्षीय साहिल लोचब जैसे कई युवा इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी आंखों और शरीर पर पेलेट के निशान हैं। बिहार के सिवान में तो स्थिति और भी भयावह थी, जहाँ छात्रों पर एके-47 जैसे हथियारों से फायरिंग किए जाने का आरोप है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक विरोध प्रदर्शन का दमन नहीं है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक संरचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) पर सीधा प्रहार है। जब सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के नियंत्रण में होते हैं, तो हिंसा की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व की बन जाती है।

या तो यह हमला योजनाबद्ध था, या फिर नेतृत्व को अपने ही क्षेत्र में हो रही हिंसा की कोई जानकारी नहीं थी—दोनों ही स्थितियां अक्षमता या अपराध को दर्शाती हैं।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की 'केंद्रीकृत शक्ति' पर प्रहार किया है। उन्होंने तर्क दिया है कि यदि गृह मंत्री को इस हिंसा का पता था, तो वे दोषी हैं, और यदि उन्हें नहीं पता था, तो वे अक्षम हैं। इसके साथ ही, सरकार द्वारा प्रोपेगेंडा मशीनरी और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के माध्यम से छात्रों को डराने की कोशिशों की भी कड़ी निंदा की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. छात्र किस बात का विरोध कर रहे थे?
छात्र एक निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

2. राहुल गांधी ने सरकार से क्या मांग की है?
उन्होंने इस हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

क्या आप जानते हैं?: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्वक एकत्र होने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है।