एक RTI खुलासे से पता चला है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कम से कम 10 लोग पैलेट गन की चपेट में आए थे। इस घटना के बाद TMC सांसद साकेत गोखले ने गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मुख्य बिंदु
- दिल्ली के दो अस्पतालों से प्राप्त RTI जवाबों ने पैलेट चोटों की पुष्टि की।
- 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान कम से कम 10 लोग घायल हुए।
- TMC सांसद साकेत गोखले ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
दिल्ली के दो प्रमुख अस्पतालों से प्राप्त सूचना का अधिकार (RTI) के जवाबों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। दस्तावेजों के अनुसार, 20 जुलाई को संसद की ओर निकलने वाले मार्च के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल किए गए पैलेट्स के कारण कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। यह खुलासा उस समय आया है जब सरकार ने प्रदर्शनों पर बल प्रयोग के आरोपों को खारिज किया था।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले ने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए केंद्र सरकार और विशेष रूप से गृह मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है। गोखले का तर्क है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए घातक हथियारों का उपयोग करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है, यह कहते हुए कि इस तरह की हिंसा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल कुछ घायलों का नहीं है, बल्कि यह शहरी क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण के लिए 'पैलेट गन' जैसे हथियारों के उपयोग पर एक गंभीर बहस छेड़ता है। आमतौर पर इन हथियारों का उपयोग अशांत क्षेत्रों में किया जाता है, लेकिन दिल्ली के हृदय स्थल में इनका उपयोग सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाता है।
"लोकतंत्र में विरोध का अधिकार मौलिक है, और सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट्स का उपयोग करना नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग का इतिहास रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में 'नॉन-लीथल' हथियारों के उपयोग में वृद्धि देखी गई है। पैलेट गन, जो छोटे धातु के गोलों का उपयोग करती है, अक्सर स्थायी चोटें या दृष्टि हानि का कारण बनती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: RTI खुलासे में वास्तव में क्या पाया गया?
जवाब: दिल्ली के दो अस्पतालों के रिकॉर्ड से पुष्टि हुई कि 20 जुलाई के मार्च में कम से कम 10 लोग पैलेट चोटों का शिकार हुए।
प्रश्न 2: साकेत गोखले की मुख्य मांग क्या है?
जवाब: उन्होंने इस घटना के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।